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मुरादाबाद में जंगली जानवरों, आवारा कुत्तों और जलभराव से जनता बेहाल

ByMoradabadprahari

Aug 31, 2026

मुरादाबाद। शहरवासियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए और बाघ जैसे जंगली जानवरों की मौजूदगी या आवाजाही की खबरों से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है,

वहीं बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक भी आम जनता के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसके साथ ही कई इलाकों में बारिश के बाद जलभराव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है।

ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों में जंगली जानवरों को लेकर लोगों में दहशत है। लोग शाम ढलने के बाद बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग और संबंधित प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ानी चाहिए तथा लोगों को सतर्क रहने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।

वहीं शहर के कई मोहल्लों में बंदरों के झुंड लोगों के घरों की छतों और गलियों में उत्पात मचा रहे हैं। कई बार बंदर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हमला कर देते हैं। दूसरी तरफ आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

सुबह और देर शाम बच्चों तथा पैदल चलने वाले लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इधर बारिश के बाद कई क्षेत्रों में सड़कों और गलियों में जलभराव से स्थिति और खराब हो गई है। लोगों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर निकलना पड़ रहा है। जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है।

जनता का कहना है कि प्रशासन को इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त अभियान चलाना चाहिए। वन विभाग जंगली जानवरों की निगरानी और सुरक्षित रेस्क्यू की व्यवस्था करे, नगर निगम बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करे तथा जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

सवाल यह है कि आखिर मुरादाबाद की जनता कब तक तेंदुए-बाघ के डर, बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक तथा जलभराव जैसी समस्याओं से जूझती रहेगी? जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

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