
फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें, गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
मुरादाबाद, देश-प्रदेश के विभिन्न भागों में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1), जिसे सामान्यतः स्वाइन फ्लू कहा जाता है, के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्कता बरतने तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए हाथों को साबुन एवं पानी से बार-बार धोएं। खांसी अथवा छींक आने पर नाक-मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढकें तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
अन्य व्यक्तियों से उचित दूरी बनाए रखें और घर, कार्यालय एवं कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि नागरिक पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम एवं पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। बुखार, खांसी, गले में खराश अथवा फ्लू जैसे अन्य लक्षण होने पर घर पर आराम करें तथा चिकित्सकीय परामर्श लें।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बिना हाथ धोए आंख, नाक एवं मुंह को न छुएं। हाथ मिलाने से बचें तथा रुमाल, तौलिया, बर्तन, गिलास आदि व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं दूसरों के साथ साझा न करें। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा, विशेषकर एंटीबायोटिक्स, न लें और फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, होंठ अथवा चेहरे पर नीलापन या लगातार उल्टी-दस्त जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला चिकित्सालय के चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार से गंभीर स्थिति से बचाव किया जा सकता है।
