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UPPCL का बड़ा झटका: बिना बताए बढ़ाया 46 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड, 25% गरीब सरकारी सब्सिडी से बाहर

ByMoradabadprahari

Jul 6, 2026

गरीबों पर दोहरी मार: इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के गरीबी रेखा के नीचे वाले उपभोक्ताओं पर हर महीने औसतन ₹165 और शहरी गरीब उपभोक्ताओं पर लगभग ₹435 का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

नियमों को ताक पर रखकर लिया गया फैसला

46 लाख उपभोक्ता प्रभावित: प्रदेश भर में करीब 46 लाख बिजली उपभोक्ताओं का लोड अचानक बढ़ा दिया गया है।

फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी: जिन उपभोक्ताओं का भार बढ़ाकर 2 किलोवाट कर दिया गया है, उनका फिक्स चार्ज सीधे ₹50 से बढ़कर ₹180 हो गया है, साथ ही उन्हें अधिक ऊर्जा शुल्क भी देना होगा।

निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव रामेश्वर दयाल तुरैहा ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है ,

मुरादाबाद प्रहरी, राज्य ब्यूरो (लखनऊ/मुरादाबाद): उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के एक हालिया फैसले ने प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका दिया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के सूबे के करीब 46 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार (Load) बढ़ा दिया है। इस मनमाने फैसले के कारण 25 फीसदी गरीब उपभोक्ता सीधे सरकारी अनुदान (सब्सिडी) योजना से बाहर हो गए हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक, विद्युत विभाग का यह कदम नियामक आयोग के टैरिफ आदेश के बिल्कुल विपरीत है। नियमों के तहत यदि किसी उपभोक्ता का लोड बढ़ना भी था, तो पहले तीन महीने तक उसे इसकी सूचना दी जानी अनिवार्य थी। इसके बाद ही संदेश भेजकर यह बताना था कि उन्होंने वित्तीय वर्ष के दौरान अपने स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपयोग किया है। लेकिन विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर सीधे लोड बढ़ा दिया।

लोकसभा के दावों के विपरीत कार्रवाई?

​उपभोक्ता परिषद ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री द्वारा लोकसभा में दिए गए एक पुराने लिखित जवाब का हवाला भी दिया है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया था कि देश में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं से अधिकतम मांग जुर्माना (Maximum Demand Penalty) नहीं वसूला जाएगा। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में इसे धड़ल्ले से वसूला जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है।

मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

इस पूरे प्रकरण को लेकर अब राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद और आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोर्चा खोल दिया है। विभाग के इस रवैए का कड़ा विरोध करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और इस खेल के पीछे के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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