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उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया। परविंदर सिंह एडवोकेट बने अध्यक्ष

ByMoradabadprahari

Jun 20, 2026

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में सिख समाज के विभिन्न संगठनों और गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया है। शुक्रवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित व्यंजन बैंक्विट हॉल में आयोजित बैठक में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वरिष्ठ अधिवक्ता सरदार परविंदर सिंह एडवोकेट को सर्वसम्मति से कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। बैठक का उद्देश्य सिख समाज से जुड़े सामाजिक,धार्मिक और कानूनी मुद्दों पर एक साझा मंच तैयार करना था। लखनऊ में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। मुरादाबाद निवासी सरदार गुरप्रीत सिंह दुआ को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं सरदार हरजीत सिंह और सरदार बलबीर सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। महामंत्री पद पर सरदार रमिंदर पाल सिंह रिंकू, सरदार मंदीप सिंह वालिया और सरदार उपकार सिंह को नियुक्त किया गया।कार्यकारिणी में मंत्री पद के लिए सरदार हरदीप सिंह, सरदार सतनाम सिंह, सरदार हरदेव सिंह, सरदार सुखविंदर सिंह और सरदार महेंद्र सिंह को शामिल किया गया। सरदार कमलजीत सिंह को प्रचार मंत्री बनाया गया, जबकि ज्ञानी गुरमेज सिंह को धार्मिक प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार सुखचैन सिंह, सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार चरणजीत सिंह होरा, सरदार कंवलजीत सिंह और सरदार तरनजीत सिंह को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।नवनियुक्त अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह ने कहा कि कमेटी का मुख्य लक्ष्य प्रदेश की सभी गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों और सिख सामाजिक संस्थाओं के बीच मजबूत तालमेल स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह संगठन सिख समाज के सामाजिक, धार्मिक और कानूनी मामलों में एक साझा मंच के रूप में कार्य करेगा।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले 35 लाख से अधिक सिख समुदाय के लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए कमेटी सक्रिय रूप से काम करेगी। इसके साथ ही सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गुरुद्वारों और सिख संस्थाओं तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जाएगा।बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सद्भाव बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कमेटी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 के तहत अल्पसंख्यकों को मिले धार्मिक और भाषाई अधिकारों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि सिख समाज के मानवाधिकारों की रक्षा और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए सिख अधिवक्ताओं का एक विशेष विधिक पैनल गठित किया जाएगा। यह पैनल विभिन्न कानूनी मामलों में समाज के लोगों को सलाह और सहायता प्रदान करेगा।बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों में सरदार त्रिलोक सिंह ने उम्मीद जताई कि नई कोऑर्डिनेशन कमेटी प्रदेश के सिख समाज की आवाज को और मजबूत करेगी। साथ ही गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ संगठन ने आने वाले समय में समाजहित से जुड़े कई कार्यक्रम और अभियान शुरू करने की भी घोषणा की है।

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