पीएनजी को प्रोत्साहित करने हेतु जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएंगे, उपभोक्ताओं को बताए जाएंगे इसके लाभ।

मुरादाबाद,जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद में एलपीजी के स्थान पर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को पीएनजी के लाभों से अवगत कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान एवं कैंप आयोजित किए जाएं, जिससे अधिक से अधिक गैस उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरित हो सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि पीएनजी आधुनिक, सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत है। यह सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरों एवं प्रतिष्ठानों तक पहुंचती है, जिससे गैस सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी तथा भंडारण संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही गैस समाप्त होने की चिंता भी नहीं रहती, क्योंकि इसकी आपूर्ति निरंतर उपलब्ध रहती है।उन्होंने कहा कि पीएनजी का उपयोग एलपीजी की तुलना में अधिक किफायती सिद्ध होता है। इसमें उपभोक्ताओं को अग्रिम भुगतान कर सिलेंडर खरीदने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि बिजली की तरह वास्तविक खपत के आधार पर मासिक बिल का भुगतान करना होता है। इससे घरेलू बजट पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।जिलाधिकारी ने बताया कि पीएनजी प्रणाली में उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है। इसके अतिरिक्त पीएनजी के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे विदेशी ईंधन आयात पर निर्भरता कम होती है तथा देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर तरीके से संभव हो पाती है।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को अपनाएं तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि पीएनजी का व्यापक उपयोग न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा एवं आर्थिक लाभ प्रदान करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
