
पहचान छुपा कर शिकायत करने वाले गिरोहों पर कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी ने गठित की 3 अधिकारियों की जांच समिति
कूटरचित तरीके से शिकायतें भेजने और अनुचित लाभ का दबाव बनाने वाले गिरोहों पर लगेगा एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट।
डाकघरों से संदिग्ध व्यक्तियों की निकलेगी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज भी बनेगा मददगार।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के सभी डाकघरों को सीसीटीवी से लैस करने के निर्देश।
जनपद में तैनात अधिकारियों के विरुद्ध शिकायतकर्ता अपनी पहचान सार्वजनिक किए बिना ही निजी, निराधार और व्यक्तिगत शिकायतें देकर अब दबाव नहीं बना सकेंगे।
जिलाधिकारी श्री अनुज सिंह ने बिना साक्ष्य, बिना नाम/पता के निजी, व्यक्तिगत तथा निराधार शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता/ गिरोहों की जांच करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री गुलाब चंद्र के नेतृत्व में 3 अधिकारियों की जांच समिति गठित की है।
इस जांच समिति में अपर जिलाधिकारी प्रशासन के साथ ही पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) और उपाधीक्षक मुख्य डाकघर को भी शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा गठित इस जांच समिति के अधिकारियों की अपर जिलाधिकारी प्रशासन कार्यालय में बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में तैनात अधिकारियों के विरुद्ध निराधार और व्यक्तिगत शिकायतें करके उनपर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है जिसके परिणाम स्वरूप अधिकारियों के समक्ष शासकीय कार्य करने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। ऐसे कार्य किसी संगठित गिरोह द्वारा किए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता, इसलिए जांच समिति द्वारा ऐसे शिकायतकर्ताओं/गिरोहों को चिन्हित करके उनके कृत्यों की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर गिरोह के लोगों के विरुद्ध एनएसए, गैंगस्टर और गुंडाएक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
जनपद के शहर, कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डाकघरों के माध्यम से विगत तीन महीने में जो भी साधारण डाक से बिना नाम और पता के बल्क में केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अधिकारियों को संबोधित करते हुए डाक भेजी गई हैं उन्हें भेजने वालों का नाम, पता एवं अन्य विवरण संबंधित डाकघर से प्राप्त किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी डाक जो दूसरे व्यक्ति का नाम और पता लिखकर भेज दी जाती हैं उन व्यक्तियों की पहचान डाकघरों में स्थापित सीसीटीवी कैमरे से कराई जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जिन डाकघरों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं वहां डाक विभाग द्वारा तत्काल सीसीटीवी लगवाए जाएं।
डाकघरों के माध्यम से केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अधिकारियों एवं अन्य संस्थानों में बल्क में डाक रजिस्ट्री भेजने वाले व्यक्तियों का पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड लेकर रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा तथा रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के दौरान सहयोग न करने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में डाकघर प्रबंधन द्वारा समिति को विशेष रूप से जानकारी देनी होगी।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों से भी उन लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी जो लोग अधिकारी अथवा कर्मचारियों के विरुद्ध बिना नाम,पता लिखे फर्जी शिकायत करके दबाव बनाकर अनुचित मांग करते हैं।
