
MORADABAD,कांठ। कांठ थाना क्षेत्र के ग्राम कासमपुर स्थित निर्माणाधीन मैरिज हॉल में तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में बृहस्पतिवार देर रात करीब 11 बजे तेंदुआ कैद हो गया। जिससे मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ लग गई। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पिंजरे समेत तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया और उसे मुरादाबाद स्थित डियर पार्क ले गई। शुक्रवार को तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। कांठ नगर के मोहल्ला महमूदपुरा निवासी नईम सैफी का कासमपुर गांव में मैरिज हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके परिसर में चौकीदार मुर्गा पालन करते हैं। पिछले दिनों तेंदुआ यहां से करीब 10 मुर्गों को उठाकर ले गया था और उन्हें अपना निवाला बना लिया था।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया और तेंदुए को पकड़ने के लिए कांठ नगर पंचायत की ओर से उपलब्ध कराए गए दो पिंजरे में से एक को यहां लगाया गया था। वन विभाग की टीम पिंजरे में प्रतिदिन शिकार रखकर उसकी निगरानी कर रही थी। बृहस्पतिवार शाम को भी तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में शिकार रखा गया था।
देर रात तेंदुआ मैरिज हॉल परिसर में पहुंचा और शिकार के लालच में पिंजरे के अंदर चला गया। शिकार पकड़ने के प्रयास में पिंजरा बंद हो गया और तेंदुआ उसमें कैद हो गया।तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की जानकारी चौकीदार ने तुरंत ही मैरिज हॉल के स्वामी नईम सैफी को दी। इसके बाद वह भी मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में तेंदुए के पकड़े जाने की खबर आसपास के ग्रामीणों में फैल गई और वह मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर वन विभाग के क्षेत्रीय दरोगा राजेंद्र सिंह और अमरजीत सिंह टीम के साथ देर रात मौके पर पहुंचे। टीम ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए तेंदुए को पिंजरे समेत अपने कब्जे में लिया और उसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई।
वन विभाग के अनुसार शुक्रवार को तेंदुए का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। कासमपुर और आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।कांठ थाना क्षेत्र के गांव कासमपुर स्थित निर्माणाधीन मैरिज हॉल में बृहस्पतिवार की देर रात पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ पहला नहीं था।इससे पहले भी पिछले वर्ष 2025 में इसी स्थान से वन विभाग की टीम दो तेंदुओं को पकड़ चुकी है। लेकिन इसके बाद भी इस क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की गतिविधि दिखाई दे रही है।
क्षेत्रीय वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात निर्माणाधीन मैरिज हॉल में लगे पिंजरे में कैद हुए तेंदुए की आयु करीब चार से पांच वर्ष है।कांठ तहसील क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों, किसानों में दहशत बनी हुई है। बता दें कि अभी 17 सितंबर को ही वन विभाग की टीम ने कांठ क्षेत्र के गांव भरतपुर से महिला निर्वेश देवी पर हमला कर उसे गंभीर घायल करने वाले तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ा था।
इससे एक दिन पहले कांठ के ही गांव रामसराय भंकरी से एक तेंदुआ पकड़ा गया था। वहीं 24 अगस्त को भी कांठ के ही गांव रामसराय में सरदार पवनदीप सिंह के घर के पास लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ था। कुल मिलाकर एक महीने के भीतर वन विभाग की टीम कांठ क्षेत्र से चार तेंदुओं को पकड़ चुकी है, जबकि 27 अगस्त को छजलैट में मुरादाबाद बिजनौर मार्ग पर स्थित क्षेत्र के ही गांव रजपुरा और मथाना के बीच में एक तेंदुआ सड़क के किनारे मृत अवस्था में पड़ा मिला था। किसी वाहन के टकराने से इसकी मृत्यु हुई थी।
अभी भी कांठ तहसील क्षेत्र के अनेक गांव में तेंदुए की दहशत बरकरार है
