मुरादाबाद, नगर निगम के वार्ड 44 में इन दिनों नारकीय हालात बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है क्योंकि पूरे क्षेत्र में जगह-जगह नालियां चोक पड़ी हैं और सड़कों पर गंदगी के अंबार लगे हैं। स्वच्छता के तमाम दावों की पोल खोलती इस स्थिति के कारण वार्ड में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है, लेकिन इसके बावजूद निगम प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।प्रमुख समस्याएं * चोक और ओवरफ्लो होती नालियां: वार्ड की ज्यादातर नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। * जगह-जगह कचरे के ढेर: नियमित रूप से कचरा उठान न होने के कारण गलियों और चौराहों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। * मच्छरों का प्रकोप: ठहरे हुए गंदे पानी और गंदगी के कारण मच्छरों और मक्खियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का डर पैदा हो गया है। * बदबू और दुर्गंध: नालियों के जाम रहने और कचरे सड़ने से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना और सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।स्थानीय नागरिकों का आक्रोशक्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन हर बार केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं। जमीनी स्तर पर सफाई का कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों का आरोप है कि निगम की इस भारी लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।>
“सड़कों पर बहता गंदा पानी और चारों तरफ फैला कचरा हमारी जिंदगी को नर्क बना चुका है। अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।” — एक स्थानीय निवासी>
चेतावनीयदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द से जल्द इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और वार्ड में युद्धस्तर पर सफाई और फॉगिंग अभियान शुरू नहीं किया, तो स्थानीय नागरिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

