
मुरादाबाद , शहर के नगर निगम , वार्ड 44 में इन दिनों प्रॉपर्टी डीलरों और भू-माफियाओं द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल खेला जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी सरकारी मानक, लेआउट प्लान और बुनियादी सुविधाओं के धड़ल्ले से नई कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, लेकिन संबंधित विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की इस ओर कोई नजर नहीं पड़ रही है।न सड़क, न नाली और न ही कोई बुनियादी सुविधामिली जानकारी के अनुसार, कॉलोनाइज़र बिना किसी वैध अनुमति के कृषि भूमि या खाली जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि इन नई बस्तियों में:कोई मानक या स्वीकृत लेआउट प्लान तैयार नहीं किया गया है।खरीदारों को आकर्षित तो किया जा रहा है, लेकिन मौके पर पक्की सड़कें, नालियां (रंजा) या स्ट्रीट लाइट जैसी कोई भी सुख-सुविधा मौजूद नहीं है।भविष्य में जलभराव और आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की पूरी आशंका है,
जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालशहर के सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले विकास प्राधिकरण की भूमिका पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी कॉलोनी के विकास से पहले लेआउट पास कराना, भू-उपयोग बदलना और बुनियादी ढांचा (पार्क, सड़कें, सीवर, बिजली, पानी) विकसित करना अनिवार्य होता है।
इसके बावजूद, वार्ड 44 में चल रहे इस अवैध खेल पर विभागीय अधिकारियों का मौन रहना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।आम जनता से अपीलप्रॉपर्टी डीलर सस्ते दामों पर प्लॉट बेचने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को इन अवैध कॉलोनियों में फंसा रहे हैं।
ऐसे में जरूरी है कि प्लॉट खरीदने से पहले नागरिक संबंधित विकास प्राधिकरण से कॉलोनी के वैध होने और उसका अप्रूव्ड लेआउट प्लान जरूर जांच लें, ताकि गाढ़ी कमाई डूबने से बच सके।
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद क्या विकास प्राधिकरण नींद से जागेगा और इन अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा या नहीं।
