
मुरादाबाद, 23 सितंबर 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति फेज-5’ के अंतर्गत आज जनपद मुरादाबाद में महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुरादाबाद के कुशल निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के करीबी पर्यवेक्षण में महिला सुरक्षा दल (MST) ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
कानूनी अधिकारों पर जगाई अलख
अभियान के दौरान महिला सुरक्षा दल द्वारा महिलाओं और बच्चों से संबंधित विभिन्न गंभीर मुद्दों और समस्याओं पर गहरी समझ विकसित करने का प्रयास किया गया। चौपालों में मौजूद महिलाओं व छात्राओं को मुख्य रूप से घरेलू हिंसा से संरक्षण, दहेज प्रतिषेध, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण, पॉक्सो एक्ट (POCSO), बाल विवाह प्रतिषेध तथा महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध होने वाले प्रमुख अपराधों की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकें।
एक क्लिक और कॉल पर मिलेगी मदद: साझा किए हेल्पलाइन नंबर्स
सुरक्षा दल ने आपातकालीन परिस्थितियों और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए सरकार द्वारा जारी सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जागरूक किया
- वीमेन पावर लाइन (1090) – फोन पर प्रताड़ना के खिलाफ त्वरित सहायता।
- पुलिस आपातकालीन सेवा (112) – आपात स्थिति में पुलिस सहायता।
- सीएम हेल्पलाइन नंबर (1076) – सरकारी शिकायतों के निवारण हेतु।
- चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) – बच्चों के संरक्षण के लिए।
- वन स्टॉप सेंटर (181) – पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी व चिकित्सीय मदद।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) – ऑनलाइन वित्तीय और सोशल मीडिया धोखाधड़ी के खिलाफ।
- स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन (102) एवं एम्बुलेंस सेवा (108) – आपातकालीन चिकित्सा सहायता।
इसके अलावा पुलिस टीम ने जनसुनवाई पोर्टल, स्थानीय थानों में विशेष रूप से संचालित महिला हेल्प डेस्क और राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली के संबंध में भी जागरूक किया।
थानों में लगी पुलिस की पाठशाला
मिशन शक्ति अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए जनपद के समस्त थानों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों, चौराहों और शिक्षण संस्थानों में ‘पुलिस की पाठशाला’ और ‘चौपाल’ का आयोजन किया गया। इन पाठशालाओं में बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ सीधा संवाद कर उनके मन से पुलिस के प्रति झिझक को दूर किया और उन्हें सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया।
