| निवासियों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। |
| सोसाइटी के लोगों में बिल्डर व मेंटेनेंस टीम के खिलाफ भारी रोष। जिम्मेदार विधुत सुरक्षा अधिकारी खामोश |

मुरादाबाद। शहर की पॉश ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी में लिफ्ट अचानक बंद होने से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सोसाइटी की लिफ्ट में 8 साल की एक मासूम बच्ची करीब 10 मिनट तक फंसी रही। इस दौरान बच्ची दहशत में रोती-बिलखती रही और मदद के लिए गुहार लगाती नजर आई।
यह पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।CCTV फुटेज में कैद हुई दहशतघटना के समय बच्ची अकेले लिफ्ट का इस्तेमाल कर रही थी। अचानक तकनीकी खराबी या बिजली गुल होने की वजह से लिफ्ट दो मंजिलों के बीच रुक गई।
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि लिफ्ट बंद होते ही बच्ची घबरा गई। उसने आपातकालीन बटन दबाने और दरवाजे को खटखटाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कोई मदद नहीं पहुंची।
लगभग 10 मिनट तक बच्ची लिफ्ट के अंदर अकेले खौफ के साए में रही।निवासियों में आक्रोश, मेंटेनेंस पर उठे सवालजब परिजनों और सोसाइटी के अन्य लोगों को बच्ची के फंसे होने की जानकारी मिली, तो तुरंत आनन-फानन में प्रयास करके लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बाहर आते ही बच्ची रोते हुए बदहवास हालत में मिली।इस घटना के बाद से ही सोसाइटी के निवासियों में मेंटेनेंस टीम और बिल्डर के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लिफ्ट के नियमित रखरखाव (Maintenance) और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ रही है। निवासियों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
| ऐसी स्थिति में क्या करें? * धैर्य बनाए रखें: लिफ्ट में वेंटिलेशन (हवा की व्यवस्था) होती है, इसलिए ऑक्सीजन खत्म नहीं होती। * इमरजेंसी बटन दबाएं: कॉल या अलार्म बटन दबाकर अलार्म बजाएं। * दरवाजा जबरदस्ती न खोलें: लिफ्ट को खुद से खोलने की कोशिश न करें, इससे खतरा बढ़ सकता है। |
