
बिजनौर ,बिजनौर गंगा बैराज से रावली ग्राम तक बने तटबंध पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। गंगा की तेज धारा के कारण तटबंध का एक हिस्सा नीचे धंस गया है। कुछ स्थानों पर तटबंध में दरारें भी सामने आई हैं। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।दरअसल, पिछले वर्ष गंगा के तेज बहाव में तटबंध का काफी हिस्सा कट गया था। इसके बाद करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध का पुनर्निर्माण कराया गया था। लगभग एक किलोमीटर हिस्से में आर्टिकुलेटिंग कंक्रीट ब्लॉक मैट्रेस (ACBS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। अब इसी हिस्से पर गंगा की तेज धारा का असर दिखाई दे रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है, लेकिन नदी की धारा की रफ्तार अभी भी तेज है। इसी तेज बहाव के कारण रावली बैराज तटबंध के कुछ हिस्से नीचे बैठ गए हैं और दरारें भी दिखाई दे रही हैं। तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए विभाग की टीम मौके पर लगातार काम कर रही है। तेज धारा के असर को कम करने के लिए रेत और मिट्टी से भरी बोरियों के साथ सीमेंट के पिलर के पिंजरों में पेड़ों को बांधकर नदी में डाला जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि गंगा की धारा को तटबंध से दूर किया जा सके और कटान को रोका जा सके। वहीं,बिजनौर डीएम जसजीत कौर ने भी मौके पर पहुंचकर तटबंध की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से बचाव कार्यों की जानकारी ली और तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता करणपाल सिंह ने बताया कि तटबंध को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। विभाग की टीम लगातार काम कर रही है और गंगा की धारा को तटबंध से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
