
कांठ। तहसील कांठ क्षेत्र में इन दिनों बिना मान्यता के चल रहे फर्जी स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। सूत्रों के अनुसार कांठ तहसील क्षेत्र के गांव-देहात और कस्बे में किराये के कमरों में बोर्ड लगाकर स्कूल चलाए जा रहे हैं, जिनके पास न तो शिक्षा विभाग की मान्यता है,
न ही योग्य शिक्षक और न ही सुरक्षा के मानक। कांठ तहसील क्षेत्र में कांठ अमरोहा मार्ग पर कांठ नगर से चार किलोमीटर की दूरी पर एक ईंट भट्ठे के निकट में एक फर्जी स्कूल बिना मान्यता के चल रहा है।जिसमें स्कूल के नाम का कोई भी उल्लेख नहीं है।
ऐसे ही कांठ तहसील क्षेत्र के ग्राम नया गांव कासमपुर में फ़ैज़ ए आम पब्लिक स्कूल केवल नाम का ही स्कूल है।अभिभावकों का आरोप है कि ये स्कूल अभिभावकों से मोटी फीस और किताब-कॉपी के नाम पर वसूली कर रहे हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं जो कक्षा 8 तक की मान्यता लेकर इंटर तक की कक्षाएं चला रहे हैं।
न बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था है, न शौचालय और न ही खेल का मैदान। आग लगने पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। फिर भी ये स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं।अभिभावकों ने बताया कि मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर नहीं मिलती,जिसका फायदा फर्जी संचालक उठा रहे हैं।
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन साधे हुए हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मुरादाबाद और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की है कि कांठ तहसील के सभी निजी स्कूलों की मान्यता की जांच कराई जाए। जो स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं,
उन्हें तत्काल सील कर अभिभावकों की फीस वापस कराई जाए।वहीं इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
जनता में चर्चा है कि फर्जी स्कूल संचालकों पर विभाग की मेहरबानी आखिर क्यों है?फिलहाल देखना होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग की नींद खुलती है या फिर ऐसे ही बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होता रहेगा।
