| जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम के निर्देश, जर्जर भवनों, सुरक्षा मानकों और मान्यता की होगी व्यापक जांच |

मुरादाबाद। जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार पिछले लगभग 10 वर्षों से जिले के किसी भी विद्यालय का समुचित सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ, जिसके चलते कई विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां बनी हुई हैं।
अब जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद कराया जाए, जबकि जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों की स्थिति में सुधार कराया जाए।
जिन विद्यालयों के भवन असुरक्षित हैं, उनकी सुरक्षा दीवार, शौचालय, साफ-सफाई, खेल मैदान तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जांच की जाएगी।डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय जर्जर या असुरक्षित स्थिति में संचालित न हो। साथ ही विद्यालयों के मान्यता संबंधी अभिलेख, एनओसी, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि किसी विद्यालय के आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए गए या मान्यता की शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो उसकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पीएमश्री, निपुण भारत मिशन और विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर भी चर्चा हुई। डीएम ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित विद्यालय वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।अब जिले में सुरक्षा ऑडिट, मान्यता और आधारभूत सुविधाओं को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू होने की संभावना है, जिससे नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों पर प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
