
मुरादाबाद। शहर के चर्चित कोचिंग संस्थान स्कॉलर डेन के संचालक विवेक ठाकुर एक के बाद एक सामने आ रहे आरोपों के कारण चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। पहले लगभग 10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद अब एक और बड़े आर्थिक विवाद ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।जानकारी के अनुसार, सागर सिक्योरिटी कंपनी की संचालिका ने विवेक ठाकुर पर लगभग 38 लाख रुपये से अधिक का भुगतान न करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल से मिलकर कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस से शिकायत के बाद पूरे प्रकरण की चर्चा शहरभर में होने लगी है।
कोचिंग संचालन पर पड़ सकता है असर
लगातार सामने आ रहे आर्थिक विवादों और धोखाधड़ी के आरोपों ने विवेक ठाकुर की छवि को प्रभावित किया है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो इसका असर संस्थान की विश्वसनीयता और संचालन पर पड़ सकता है। अभिभावकों के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी उठने लगे सवाल
सोशल मीडिया पर केवल आर्थिक लेन-देन के आरोप ही नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि स्कॉलर डेन की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं। कई लोगों ने मांग की है कि संस्थान की गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।शहर में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नियमित विद्यालय समय के दौरान भी कोचिंग संस्थान में मौजूद रहते हैं। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि ऐसी स्थिति है तो संबंधित विभागों द्वारा इसकी जांच क्यों नहीं की गई और इसका शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
कई अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।पुलिस जांच पर टिकी निगाहेंसूत्रों के अनुसार, दो महिलाओं ने भी एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं सिविल लाइंस पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। शहरवासियों की निगाहें अब पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।उधर, चर्चा यह भी है कि उड़ीसा साहित्य उत्सव आयोजन से जुड़े कुछ मामलों में भी आरोप सामने आ सकते हैं। हालांकि इन मामलों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।नोट: उपरोक्त सभी आरोप शिकायतकर्ताओं और सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित हैं। आरोपों की सत्यता की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
