
मुरादाबाद , मित्रों यह तीन छायाचित्र आपके समक्ष साझा कर रहा हूँ । बात 1992 की है। जब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने पश्चिम बंगाल का “तीन बीघा गलियारा क्षेत्र” बांग्लादेश को पट्टे पर दे दिया था। जिसके विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने देशभर के छात्रों का आहवान किया था कि पश्चिम बंगाल पहुंचकर कांग्रेस के द्वारा देश के साथ किए गए गद्दारीपूर्ण कृत्य का विरोध करें।तत्पश्चात देश भर से हजारों छात्रों ने वहां पहुंचकर अपना सशक्त विरोध प्रदर्शन किया था।मुझे भी अपने जनपदीय पदाधिकारियों के साथ उस आंदोलन का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उस समय 19 वर्ष की आयु में मैं बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था और विधार्थी परिषद धामपुर की आरएसएम कॉलेज इकाई का पदाधिकारी कार्यकर्ता था ।मैं और मेरे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं के लिए देश प्रथम था, है,और रहेगा।
