अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण के मामले में दर्ज होगी FIR, कोर्ट ने दिया आदेश

प्रयागराज की एडीजे (रेप एवं पॉक्सो) स्पेशल कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। माघ मेले के दौरान चले लंबे विवाद के बाद यह खबर धार्मिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा रही है।
क्या है पूरा मामला?
- कोर्ट का कड़ा आदेश: कोर्ट ने साक्ष्यों और दलीलों को सुनने के बाद झूंसी थाना पुलिस को निर्देशित किया है कि वह अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध संबंधित धाराओं में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करे।
- गंभीर आरोप: मामला यौन शोषण और पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है, जो इसे बेहद गंभीर बनाता है।
- कार्यवाही का केंद्र: प्रयागराज का झूंसी पुलिस स्टेशन अब इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू करेगा।
विवादों का सिलसिला
माघ मेले के दौरान हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन/अन्य अखाड़ों के बीच ठनी हुई थी। जहाँ लग रहा था कि मामला शांत हो रहा है, वहीं इस कानूनी आदेश ने एक नया मोर्चा खोल दिया है।
