मुरादाबाद, जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु “नो हेलमेट, नो फ्यूल“ का दिनांक 17 जनवरी 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नो हेलमेट नो फ्यूल का उद्देश्य चालकों/पिलियन द्वारा हेलमेट के अनिवार्य प्रयोग को सुनिश्चित करना है। यह पहल मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 129 हेलमेट अनिवार्यता एवं धारा 194डी उल्लघंन पर दण्ड के अनुरुप विधि सम्मत है।
जिला पूर्ति अधिकरी ने सभी पेट्रोल पम्प स्वामी/प्रबन्धकों/सेल्स आफिसरों को निर्देशित किया है कि दोपहिया वाहन चालकों सहयात्री को हेलमेट अनिवार्यता एवं जीवन सुरक्षा हेतु प्रेरित करते हुए नो हेलमेट नो फ्यूल का पालन कराना सुनिश्चित करें ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों में जागरुकता और जिम्मेदारी की भावना का विकास हो।
नो हेलमेट नो फ्यूल का प्राविधान भारत सरकार द्वारा बाध्यकारी कर दिया गया है।
