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Moradabad Prahari

News Paper

ठंड से बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट, जिले में 760 सार्वजनिक स्थलों पर जलवाए जा रहे अलाव

ByMoradabadprahari

Dec 16, 2025

जिलाधिकारी ने जारी की एडवाइजरी, ठंड के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत।

मुरादाबाद, में लगातार ठंड के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देश पर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं साथ ही जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाव के लिए कम्बल वितरण भी किया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ममता मालवीय ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले की सभी तहसीलों के स्तर से 73 स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं जिनमें बिलारी के 34, सदर के 16, ठाकुरद्वारा के 11 और कांठ के 12 अलाव स्थल शामिल हैं।
इसी प्रकार स्थानीय निकायों में नगर निगम द्वारा 48, बिलारी 07, कुंदरकी 14, महमूदपुर माफी 11, पाकबड़ा 18, अगवानपुर 12, उमरीकला 11, कांठ 10, ढ़किया 10, ठाकुरद्वारा 16 और भोजपुर धर्मपुर में 10 स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में भी अलाव के प्रयाप्त प्रबंध किए गए हैं। मुरादाबाद में 58, बिलारी 106, छजलैट 82, मूंढापांडे 80, भगतपुर 75, डिलारी 52 और ठाकुरद्वारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में 67 सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहें हैं।
ठंड से बचाव के लिए जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जिला स्तर से लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
जिले में ठंड के दौरान आमजन की सुरक्षा और सतर्कता के दृष्टिकोण से जिलाधिकारी ने एडवाइजरी भी जारी की है।
उन्होंने बताया कि कोयले की अंगीठी, मिट्टी का चूल्हा, हीटर इत्यादि का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें तथा कमरे में शुद्ध हवा का आवागमन/वेंटिलेशन/वायु संचार बनाये रखना है ताकि कमरे में विषाक्त/जहरीला धुंआ इकट्ठा न होने पाये। शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरन्त बदल लें, ये शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिनके पास अलाव का सामान न हो तो अत्यधिक ठंड के दिनों सामुदायिक केन्द्रों/स्थलों पर जाये, जहां प्रशासन द्वारा अलाव का प्रबन्ध किया गया हो। कई स्तरों वाले गर्म कपडे़ जैसे ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी, मफलर इत्यादि का प्रयोग आपको शीतदंश से बचा सकते हैं। अत्यधिक ठंड/कोहरा पड़ने पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को जितना हो सके घर के अंदर रखें। शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाये रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थो का सेवन करें। हाईपोथर्मिया के लक्षणों जैसे- असामान्य शरीर का तापमान, भ्रम या स्मृति हानि, बेहोशी, विचलन, असीमित ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाना, थकावट इत्यादि की स्थिति उत्पन्न होने पर अपने नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।
शीतदंश के लक्षणों जैसे शरीर के अंगों का सुन्न पड़ना, हाथो-पैरों की उंगुलियों, कान, नाक आदि पर सफेद या पीले रंग के दाग उभर आने पर अपने नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। अगर बिजली विफल हो जाती है तो फ्रीजर का दरवाजा बंद रखने पर फ्रीजर 48 घंटे तक भोजन को सुरक्षित रख सकता है। अपने आस-पास के अकेले रहने वाले पड़ोसियों की जानकारी रखें, खासकर बुजुर्गो की एवं किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन पर संपर्क करें।

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