
मुरादाबाद।
।कांठ तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों के द्वारा आज एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें तहसील कांठ के समस्त लेखपालों ने अपने कार्य का पूर्णतया बहिष्कार किया और फिर धरने पर बैठ गए। लेखपालों ने अपनी मांगो को लेकर एसडीएम कांठ संतदास पंवार के नाम ज्ञापन उनकी अनुपस्थिति में तहसीलदार कांठ को सौंप दिया। लेखपाल संघ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर 2025 को थी। लेखपाल सुधीर कुमार अधिकारियों से छुट्टी को लेकर लगातार निवेदन कर रहा था परन्तु अधिकारियों के द्वारा एस आई आर प्रक्रिया में ड्यूटी को लेकर उसे छुट्टी नहीं दी गई।शादी की व्यस्तता को लेकर 22 नवंबर को 2025 को सुधीर कुमार लेखपाल को एस आई आर प्रक्रिया लेकर बैठक में अनुपस्थित रहने पर ई आर ओ संजय सक्सेना द्वारा निलंबित कर दिया गया।फिर डिप्टी कलेक्टर संजय सक्सेना और नायब तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक शिवराम लेखपाल सुधीर कुमार के घर पर पहुंचे और कहा कि एसडीएम साहब ने कहा है कि एस आई आर और अन्य कार्य पूर्ण कर दें अथवा किसी को पैसे देकर करवा दें नहीं तो अभी तो केवल निलंबन ही हुआ है फिर आपकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। आए दिन फटकार और शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने से परेशान होकर पहले से ही डिप्रेशन में चल रहा लेखपाल सुधीर कुमार बर्खास्तगी की खबर सुनकर और अधिक तनाव में चला गया और उसने आत्महत्या कर ली। जिससे उसकी मौत के साथ ही दो घर उजड़ गए। इसके बाद मृतक लेखपाल सुधीर कुमार की बहन और परिवार वालों के द्वारा एसडीएम और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने हेतु प्रार्थना पत्र देने और लेखपाल संघ के अनुरोध के तीस घंटे बाद भी कोई भी कार्यवाही ना करने के कारण परिजनों के द्वारा शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया गया। दिनांक 26 नवंबर को शव को उठाने के लिए प्रशासन द्वारा षड्यंत्रपूर्वक तहरीर बदलवाकर एफ आई आर दर्ज करवा दी गई। एफ आई आर में मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना पीसीएस का नाम शामिल ना करके केवल राजस्व निरीक्षक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखवा दी गई। प्रशासन के द्वारा कपटपूर्वक केस को कमजोर करने के लिए पैसे लेकर खेल किया जा रहा है।उक्त घटना क्रम के कारण प्रदेश के सभी लेखपालों में आक्रोश और भय का माहौल है तथा मृतक लेखपाल के परिजन काफी आहत हैं। लेखपाल संघ ने मांग की है कि एसडीएम महोदय मुख्य आरोपी संजय कुमार सक्सेना पीसीएस अधिकारी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अज्ञात के स्थान पर नामजद में एफ आई आर दर्ज की जाए, मृतक के परिजनों में से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और मृतक की माता को पचास लाख रूपए आर्थिक सहायता देने की मांग की।
