
मुरादाबाद में परिवहन विभाग का ‘बड़ा खेल’: अनफिट गाड़ियों को मिल रहे फिटनेस प्रमाण पत्र!
कोहली आरएसएचसी एटीएस प्राइवेट लिमिटेड सेंटर पर लगें गंभीर आरोप,
सड़क सुरक्षा खतरे में अधिकारी आंखें बंद करके भर रहे अपनी जेब
मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।
एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क हादसों को रोकने और आम आदमी की अमूल्य जिंदगी बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं मुरादाबाद में परिवहन विभाग के अधिकारियों की कथित लापरवाही ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ताजा मामला मुरादाबाद स्थित स्वचालित प्रशिक्षण केंद्र (Automated Testing Station – ATS) से जुड़ा है, जिसक कोहली आरएसएचसी एटीएस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस सेंटर पर नियमों को ताक पर रखकर अनफिट और गैर-मानक वाहनों को भी फिटनेस प्रमाण पत्र (Fitness Certificate) जारी किए जा रहे हैं।
भारी भरकम रकम लेकर फिटनेस!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेंटर बिना मानक पूरे किए ही वाहनों को प्रमाण पत्र दे रहा है। आरोप है कि अनफिट वाहनों को सड़क पर चलने लायक बनाने के लिए भारी भरकम रकम का लेन-देन किया जा रहा है। फिटनेस प्रमाण पत्र मिलते ही ये खतरनाक वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं, जो अनेकों प्रकार के एक्सीडेंट का कारण बन सकते हैं। इसमें वाहन में लगे स्पीड मापक यंत्र जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी भी शामिल है।
विभाग के अधिकारी आंखें मूंद कर बैठे
यह पूरा ‘खेल’ परिवहन विभाग (RTO) की नाक के नीचे चल रहा है। खबर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि परिवहन विभाग के अधिकारी “आंखें मूंद कर बैठे” हैं, जिससे सेंटर चलाने वाली कंपनी को मनमानी करने की खुली छूट मिल गई है। अधिकारियों की यह लगातार लापरवाही राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा के लक्ष्यों को सीधे तौर पर कमजोर कर रही है।
अब प्रशासन पर सबकी निगाहें
यह मामला सामने आने के बाद, अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारी इस गंभीर स्थिति पर क्या कार्रवाई करते हैं। आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए तत्काल और कठोर जांच की आवश्यकता है।
