
जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करते जिलाधिकारी
ओपीडी में सभी विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित मिले, मरीजों एवं तीमारदारों से संवाद कर जानी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति।
मुरादाबाद , जिलाधिकारी अनुनय झा ने मुरादाबाद शहर स्थित जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों, ओपीडी, कैश काउंटर, एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष, आभा/रजिस्ट्रेशन काउंटर, औषधि वितरण कक्ष, किचन, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), वार्डों एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों से भी सीधे संवाद कर चिकित्सालय में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी।
निरीक्षण की शुरुआत कैश काउंटर से की –
जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण की शुरुआत कैश काउंटर से की , कैश काउंटर पर कर्मचारी हेमन्त उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने प्रातः से निरीक्षण के समय तक काटी गई रसीदों का अवलोकन किया तथा रसीदों के सापेक्ष जमा कैश का मिलान कराया। इस दौरान रसीद एवं कैश का मिलान सही पाया गया। इस दौरान उन्होंने 07 साल के बच्चे का उपचार कराकर वापस गए व्यक्ति को फोन करके डॉक्टरों द्वारा बच्चे का उपचार किए जाने और जरूरी दवाईयां मिलने के बारे में जानकारी ली।
एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष का निरीक्षण
इसके बाद जिलाधिकारी ने एनसीडी स्क्रीनिंग कक्ष का निरीक्षण किया। कक्ष में श्रीमती आस्था प्रकाश एवं श्रीमती अर्चना त्यागी उपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही स्क्रीनिंग की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि रक्तचाप एवं शुगर की जांच के साथ-साथ ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर तथा ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि संभावित रोगों की समय से पहचान कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा सके।
रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जाएं–
जिलाधिकारी ने इसके बाद आभा काउंटर/रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात कर्मचारी मो. सकलैन से पंजीकरण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सालय का औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय के सभी रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि चिकित्सालय में आने वाले मरीज एवं उनके परिजन क्यूआर कोड के माध्यम से सुविधाजनक तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकें और उन्हें निर्धारित भुगतान के लिए अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने चिकित्सालय की विभिन्न ओपीडी सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बाल रोग विभाग की ओपीडी, सर्जिकल ओपीडी, ईएनटी ओपीडी, अस्थिरोग ओपीडी तथा नेत्र रोग ओपीडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी-अपनी ओपीडी में उपस्थित पाए गए और मरीजों का परीक्षण एवं उपचार करते हुए मिले। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से मरीजों की संख्या एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने ओपीडी में आए मरीजों एवं उनके परिजनों से भी संवाद कर चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों एवं चिकित्सकों से प्राप्त जानकारी संतोषजनक पाई गई।
इसके बाद जिलाधिकारी ने औषधि वितरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही औषधियों की जानकारी लेते हुए दवाओं का मिलान भी कराया। निरीक्षण के दौरान औषधि वितरण व्यवस्था सही पाई गई।
चिकित्सालय की किचन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की व्यवस्था एवं गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली तथा मौके पर उपस्थित डायटीशियन एवं कुक से भोजन तैयार करने एवं मरीजों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने एनआरसी की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एनआरसी एवं किचन की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सर्जिकल वार्ड, बाल रोग विभाग के एचडीयू तथा थैलेसीमिया वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में संतोषजनक जानकारी दी गई।
आईपीडी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान सीढ़ियों पर कुछ गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए चिकित्सालय की सीढ़ियों सहित सभी सार्वजनिक एवं आवागमन वाले स्थानों पर निरंतर साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा नियमित सफाई के साथ-साथ साफ-सफाई की सतत निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, औषधि वितरण, जांच एवं स्क्रीनिंग, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता तथा मरीजों की सुविधाओं का मौके पर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय और चिकित्सा अधीक्षक राजेंद्र कुमार सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी गण मौजूद रहे।
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