
मुरादाबाद। गलशहीद थाना क्षेत्र स्थित जिज्ञासा अस्पताल में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मरीज की मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कुंदरकी थाना क्षेत्र के रहने वाले परिजनों ने करीब तीन दिन पहले मरीज को जिज्ञासा अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के मुताबिक मरीज की हालत बिगड़ने के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।
उनका कहना है कि रात तक मरीज से बातचीत हुई थी, लेकिन सुबह उसकी मौत की जानकारी मिली।परिजनों का आरोप है कि मरीज की मृत्यु के बाद भी उन्हें इसकी सूचना तत्काल नहीं दी गई और काफी देर बाद मौत के बारे में बताया गया।
इससे परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर अस्पताल में बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद मरीज को अपेक्षित उपचार नहीं मिल सका। उन्होंने अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक डॉ. सीपी सिंह पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।हंगामे की सूचना पर पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया।
परिजनों की ओर से मामले में मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार के दौरान की गई चिकित्सकीय प्रक्रिया और मरीज की मृत्यु के कारणों की जांच कराने की मांग उठाई गई है।हालांकि, मरीज की मृत्यु वास्तव में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई या उसकी गंभीर बीमारी/स्थिति के चलते, यह जांच और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन अथवा डॉ. सीपी सिंह का इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।परिजनों की प्रमुख मांगें:मरीज की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच हो।अस्पताल का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड जांच के दायरे में लिया जाए।उपचार और वेंटिलेटर से संबंधित रिकॉर्ड की जांच हो।
मौत की सूचना परिजनों को देर से दिए जाने के आरोप की जांच हो।यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिग्गयासा
