
बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बड़ा विवाद सामने आया।जहां कस्बा चौकी इंचार्ज दरोगा ब्रह्मपाल गिरी पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा।आरोप है कि विरोध करने पर महिला के परिजनों ने दरोगा की जमकर पिटाई कर दी,जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। घायल दरोगा को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।जानकारी के अनुसार बुलंदशहर जिले के गांव हसनपुर निवासी दरोगा ब्रह्मपाल गिरी पिछले एक वर्ष से धामपुर में तैनात हैं और एक आश्रम परिसर में रह रहे थे। उसी परिसर में पिछले करीब 15 वर्षों से आश्रम की जमीन ठेके पर लेकर खेती करने वाला ओमवेश अपने परिवार के साथ रहता है। आरोप है कि देर रात ड्यूटी से लौटने के बाद दरोगा ने परिवार की एक महिला से छेड़छाड़ की। जिस पर विवाद बढ़ गया और हाथापाई हो गई। शोर सुनकर पहुंचे परिजनों ओमवेश और राहुल ने दरोगा को पीट दिया।पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों ओमवेश और राहुल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लोहे की रॉड, सरिया, लकड़ी का टूटा डंडा, दरोगा की टूटी नेमप्लेट, स्टार और बैज भी बरामद किए हैं।वहीं महिला पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार की महिलाओं का कहना है कि घटना के बाद से पुलिस लगातार उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी महिला सिपाही के साथ आश्रम पहुंचे और महिलाओं के साथ अभद्रता व मारपीट की। परिवार का कहना है कि दरोगा पहले भी छेड़छाड़ कर चुका था लेकिन डर के कारण शिकायत नहीं की गई।मामले में एएसपी पूर्वी अमित किशोर ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। महिला पक्ष की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है, लेकिन सभी आरोपों की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब विभाग की ओर से हाउस रेंट जैसी सुविधा मिलती है तो दरोगा आश्रम में क्यों रह रहे थे।घटना को लेकर भाकियू प्रकाश गुट के कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जताई और राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चौहान के नेतृत्व में कोतवाली पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं आश्रम के महंत ने भी चेतावनी दी कि यदि जांच में निष्पक्षता नहीं बरती गई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
