
मुरादाबाद,जिलाधिकारी डाॅ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया है कि भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक निर्धारित है। जनगणना पदाधिकारियों द्वारा घरों की गणना से पहले, नागरिकों को 15 दिनों की स्व-गणना की अवधि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना चरण 07 मई से 21 मई, 2026 तक निर्धारित है, जो मकान सूचीकरण कार्य (HLO) के प्रारंभ से पहले है। स्व-गणना जनगणना 2027 के तहत एक प्रमुख पहल है जो परिवारों को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन अपनी जनगणना संबंधी जानकारी उपलब्ध करने में सक्षम बनाती है। स्व-गणना के माध्यम से प्रत्येक परिवार अपने मकान एवं परिवार से संबंधित विवरण स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकता है, जिससे आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है। जनगणना पदाधिकारी के घर भ्रमण से पहले सामान्य नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। अंग्रेजी, हिंदी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध इस आधिकारिक पोर्टल की मदद से परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15-20 मिनट में प्रक्रिया पूरी कर सकता है। अंतिम सबमिशन के बाद, “H” से शुरू होने वाली एक अद्वितीय 11 अंकों की स्व-गणना एसई आईडी जनरेट होती है और इसे एसएमएस (यदि उपलब्ध हो तो ईमेल) के माध्यम से परिवार के साथ साझा किया जाता है। जनगणना पदाधिकारियों के दौरे के दौरान जनगणना डाटा को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सत्यापन के लिए इस एसई आईडी को दिखाना आवश्यक है। एक मान्य एसई आईडी इस बात की पुष्टि करती है कि परिवार का डेटा सफलतापूर्वक दर्ज कर लिया गया है। यह अत्यंत आवश्यक है कि हम सभी इस प्रक्रिया के महत्व को समझें और इसमें सक्रिय सहभागिता करें। स्व-गणना अवधि 07 मई से 21 मई, 2026 में विशेष जनजागरूकता अभियान के पंचम दिवस (11 मई, 2026 दिन सोमवार) को स्वयं एवं अपने समस्त पदाधिकारीगण/सदस्यगण /मित्रजनों के साथ स्व-गणना सत्र का आयोजन करते हुए Self-Enumeration Portal (https://se.census.gov.in) पर स्व-गणना कर इस अभिनव डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता प्रदान करें। साथ ही स्व-गणना करते समय की फोटो अपने सोशल मीडिया/व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा कर जनसामान्य में जागरूकता प्रसारित करें तथा जनपद के अन्य नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यदि स्व-गणना के संबंध में किसी प्रकार की कोई समस्या आती है, तो हेल्पलाइन नम्बर 1855 पर सम्पर्क किया जा सकता है। आपका सहयोग इस राष्ट्रीय कार्य की सफलता हेतु अपेक्षित है।
