पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जिले के 3.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिला 1044 करोड़ रुपये का सीधा आर्थिक लाभ

किसान ऋण मोचन योजना से 59 हजार किसानों का कर्ज हुआ माफ, खेतों की सिंचाई के लिए जिले भर में बने 137 अमृत सरोवर
मुरादाबाद, 21 मार्च। जनपद मुरादाबाद में पिछले नौ वर्षों में कृषि क्षेत्र और किसानों के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सीधे किसानों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाने और उनके पुराने कर्जों को माफ करने का ऐतिहासिक काम हुआ है। जिले में पीएम किसान सम्मान निधि और कर्ज माफी योजनाओं के माध्यम से लगभग 1370 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा लाभ किसानों को दिया गया है। इसके अलावा, खेती के लिए पानी की कमी न हो, इसके लिए जल संरक्षण और नदियों के जीर्णोद्धार पर भी जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं।
3.42 लाख किसानों को पीएम निधि का लाभ
किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना को प्रमुखता से लागू किया गया है। मुरादाबाद जिले में इस योजना के तहत अब तक कुल 3,42,516 लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है। इन किसानों के बैंक खातों में सीधे 104,471.40 लाख रुपये (लगभग 1044 करोड़ रुपये) की भारी भरकम धनराशि हस्तांतरित की गई है, जिससे उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
59 हजार से ज्यादा किसानों का कर्ज हुआ माफ
कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को संकट से उबारने के लिए सरकार की किसान ऋण मोचन योजना जिले में बेहद कारगर साबित हुई है। इस योजना के अंतर्गत मुरादाबाद में 59,622 लाभार्थी किसानों का चयन कर उन्हें कर्ज मुक्त किया गया है। सरकार द्वारा इन किसानों के 32,648.00 लाख रुपये (लगभग 326 करोड़ रुपये) के ऋण माफ किए गए हैं, जिससे किसानों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
सिंचाई के लिए 137 अमृत सरोवरों का निर्माण
कृषि में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जल संचय की दिशा में भी बड़ा काम हुआ है। जिले में भूमिगत जल के संचय एवं कृषकों के सतही जल द्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुरादाबाद के 8 विकास खंडों में कुल 137 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया है। इन सरोवरों से न सिर्फ खेती के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है, बल्कि पशुओं के लिए भी जल की सुलभता सुनिश्चित हुई है।
22 किमी लंबी विलुप्त अरिल नदी का जीर्णोद्धार
जिले की अरिल नदी वर्षों पहले सूख चुकी थी और स्थिति यह थी कि ग्रामीणों ने इस सूखी भूमि पर फसल बोना भी शुरू कर दिया था। बिलारी क्षेत्र का जल स्तर लगातार गिरकर डार्क जोन में पहुंच गया था, जिसके बाद इस नदी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया गया। मनरेगा और जन सहयोग के माध्यम से मुरादाबाद के विकास खंड बिलारी और कुन्दरकी में 22 किलोमीटर लंबी इस विलुप्त नदी का सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र के जल स्तर में भारी सुधार होगा।
गोवंश और पशुओं के चारे की पुख्ता व्यवस्था
किसानों के पशुओं और निराश्रित गोवंश के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए हैं। जनपद में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 35 गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 7800 गोवंश संरक्षित हैं। पशुओं के लिए उत्तम आहार की व्यवस्था करने हेतु 68 हेक्टेयर भूमि में हरा चारा बोया गया है और 28 हेक्टेयर भूमि में हाइब्रिड नेपियर घास की बुवाई की गई है।
