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Moradabad Prahari

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स्मार्ट विजन और करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर से पीतलनगरी का कायाकल्प, जमीनी हकीकत में बदली मुरादाबाद की तस्वीर

ByMoradabadprahari

Mar 20, 2026

233.17 करोड़ से बना आईसीसीसी और 106 करोड़ का सोनकपुर ओवरब्रिज सुचारू रूप से कर रहा काम, जाम से मिली बड़ी राहत

400 करोड़ के एसटीपी से रामगंगा हो रही स्वच्छ, अटल आवासीय विद्यालय में 560 बच्चों का संवर रहा भविष्य

मुरादाबाद, 19 मार्च। योगी सरकार के नौ वर्षों में मुरादाबाद (पीतलनगरी) में हुए करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने शहर की सूरत बदल दी है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत की विस्तृत पड़ताल में सामने आया है कि 106 करोड़ की लागत से बना सोनकपुर रेल ओवरब्रिज, 233.17 करोड़ का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) और 400 करोड़ रुपये का 58 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जैसी बड़ी परियोजनाएं वर्तमान में पूरी तरह सुचारू रूप से काम कर रही हैं। इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को ट्रैफिक जाम से भारी मुक्ति,

,हालांकि, मुरादाबाद एयरपोर्ट का टर्मिनल और 25 इलेक्ट्रिक बसों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इनका संचालन अभी पूरी क्षमता से सुचारू नहीं हो पाया है। इसके बावजूद 114.91 करोड़ से बना स्मार्ट रोड नेटवर्क, 169.58 करोड़ का निर्माणाधीन गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय और 30 सरकारी भवनों पर लगे सोलर रूफ टॉप जैसी दर्जनों परियोजनाओं ने मुरादाबाद को एक स्मार्ट शहर के रूप में स्थापित कर दिया है।

सोनकपुर ओवरब्रिज और स्मार्ट रोड नेटवर्क से मिली जाम से मुक्ति लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे मुरादाबाद वासियों और दैनिक यात्रियों के लिए 106 करोड़ रुपये की लागत से बना सोनकपुर रेल उपरिगामी सेतु एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। जमीनी हकीकत में यह पुल पूरी तरह से संचालित है और नए मुरादाबाद को पुराने शहर से जोड़ रहा है, जिससे दिल्ली रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगने वाले भारी जाम से छुटकारा मिल गया है और सफर का समय भी काफी कम हुआ है। इसके अलावा 114.91 करोड़ की लागत से बना स्मार्ट रोड नेटवर्क और 10.25 करोड़ से तैयार कांठ रोड को दिल्ली रोड से जोड़ने वाला ‘विकास पथ’ भी यातायात को सुचारू बनाए हुए हैं, जिससे व्यापारिक और आम आवागमन बेहद आसान हो गया है।आईसीसीसी के कैमरों से 24 घंटे निगरानी और फ्री वाई-फाई का लाभशहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक व सुरक्षित बनाने के लिए 233.17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिसका सीधा असर अपराधों पर अंकुश और सुचारू ट्रैफिक मैनेजमेंट के रूप में देखने को मिल रहा है। पुलिस ने हाल ही में कई मामलों को इन्हीं कैमरों की फुटेज के जरिए सुलझाया है। इसके साथ ही इस परियोजना के तहत शहर के 35 स्थानों पर आम नागरिकों को फ्री वाई-फाई की सुविधा भी मिल रही है जो स्थानीय युवाओं और आम जनमानस के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है।अटल विद्यालय और सुगम्य पुस्तकालय से शिक्षा व स्वास्थ्य में बड़ा बदलावशिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुरादाबाद में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं जो पूरी तरह से धरातल पर सक्रिय हैं। श्रमिक और निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय का शानदार संचालन हो रहा है, जहां 27 अध्यापक 560 विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा, हॉस्टल और स्मार्ट क्लास की सुविधा दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश का पहला सुगम्य पुस्तकालय भी संचालित है, जो दृष्टिबाधित और मूक-बधिर बच्चों को ब्रेल स्लेट और स्पीच थेरेपी जैसे उपकरणों के जरिए मुख्यधारा से जोड़ रहा है। उच्च शिक्षा के लिए 169.58 करोड़ की लागत से गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी जमीन पर है। स्वास्थ्य की बात करें तो 6 केंद्रों पर स्थापित हेल्थ एटीएम के जरिए लोगों को 10 से 12 प्रकार की पैथोलॉजी जांचों का निःशुल्क और सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों के मरीजों को शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।एसटीपी से रामगंगा हुई प्रदूषण मुक्त और सोलर ऊर्जा से हो रही बचतपर्यावरण संरक्षण की दिशा में 400 करोड़ रुपये की लागत से बना 58 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पूरी तरह से सुचारू है। यह प्लांट शहर के बड़े नालों के गंदे पानी को रामगंगा नदी में जाने से रोक रहा है, जिससे नदी का पानी पहले से कहीं अधिक स्वच्छ हुआ है और आसपास के इलाकों में जलजनित बीमारियों का खतरा कम हुआ है। इसके अलावा 30 सरकारी भवनों की छतों पर सोलर रूफ टॉप लगाए गए हैं जो सफलतापूर्वक बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इन संयंत्रों से सालाना लगभग 95 लाख रुपये के बिजली बिल की बचत हो रही है। साथ ही शहर के पार्कों में ओपन जिम और 17 सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।संविधान पार्क, वार मेमोरियल और ग्रामीण विकास ने भी पकड़ी रफ्तारशहर के सौंदर्यीकरण और ग्रामीण विकास के कई अन्य कार्य भी जमीनी हकीकत में तब्दील हुए हैं। 16 करोड़ की लागत से संविधान पार्क और 6 करोड़ से हनुमान वाटिका का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 31 करोड़ से वार मेमोरियल भी निर्माणाधीन है। ग्रामीण स्तर पर 137 अमृत सरोवरों का निर्माण भी धरातल पर पूरा हो चुका है, जिससे भूजल स्तर को सुधारने और सिंचाई में किसानों को काफी मदद मिल रही है।एयरपोर्ट और ई-बसों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार, सुचारू संचालन का इंतजारविकास के इस सफर में कुछ ऐसी भी परियोजनाएं हैं जिनका निर्माण कार्य और इंफ्रास्ट्रक्चर तो पूरी तरह से तैयार है, लेकिन स्थानीय जनता को अभी उनके पूरी तरह सुचारू होने का इंतजार है। 1425 वर्ग मीटर में मुरादाबाद एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और 2112 मीटर का रनवे बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि अगस्त 2024 में उड़ानें शुरू हुई थीं, लेकिन फिलहाल व्यावसायिक उड़ानें नियमित नहीं हो सकी हैं और इन्हें दोबारा पूरी क्षमता से शुरू करने का प्रयास चल रहा है। इसी तरह 25 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें और उनका आधुनिक चार्जिंग स्टेशन भी बनकर तैयार है, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते फिलहाल इनका पूरा फ्लीट सड़कों पर नियमित रूप से दौड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके बावजूद 150 करोड़ की लागत से हिन्द टर्मिनल्स द्वारा विकसित किया जा रहा ड्राई पोर्ट स्थानीय एमएसएमई और निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक के नए दरवाजे जरूर खोल रहा है।

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