
157 संदिग्ध झोलाछाप क्लीनिकों को जारी किया गया था नोटिस।
60 संचालकों ने अब तक भरा जुर्माना;
विभाग को मिली बड़ी सफलता।₹50,000 प्रति अस्पताल लगाया गया था भारी जुर्माना।
विभाग को मिले पूरे 30 लाख रुपए जो जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए खर्च होंगे,
लगभग 40 दिन में 46 अस्पताल किए गए थे सील , दिए गए सबको नोटिस
मुरादाबाद,जिले में अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले झोलाछाप डॉक्टरों और बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय और प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान से न केवल अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर लगाम लगी है, बल्कि ‘डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी’ (DRA) का खाता भी जुर्माने की राशि से लबालब हो गया है।ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित अवैध क्लीनिकों और अस्पतालों पर औचक निरीक्षण किया था।
इस दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 157 झोलाछाप संचालकों को नोटिस थमाया था। मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों पर 50,000 रुपये प्रति यूनिट का जुर्माना लगाया गया था।जुर्माने से ‘मालामाल’ हुआ विभागविभाग की सख्ती का असर अब दिखने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों में से अब तक 60 संचालकों ने अपना जुर्माना जमा कर दिया है। जुर्माने की यह पूरी राशि सीधे डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के सरकारी खाते में जमा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह विभाग की एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में अवैध संचालकों ने स्वेच्छा से जुर्माना नहीं भरा था।जारी रहेगी कार्यवाही,स्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है। जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद जुर्माना जमा नहीं किया है या अपनी कमियां दूर नहीं की हैं, उनके क्लीनिकों को स्थायी रूप से सील करने और उन पर कानूनी केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है ,

“आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केवल पंजीकृत और योग्य डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दें, अन्यथा कठोर दंड के लिए तैयार रहें।”(संजीव बेलवाल नोडल अधिकारी)
