
बचपन हेल्थकेयर में मिलीं खामियां,
नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल शिफ्ट किया
जलालपुर में ‘सेवा अस्पताल’ पर जड़ा ताला


मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में अवैध और मानक विहीन अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का ‘तूफानी’ अभियान थमता नजर नहीं आ रहा है। जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने आज भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में औचक छापेमारी की, जिससे झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिक संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। अभियान के तहत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव बेलवाल ने आशियाना फेज-1 स्थित ‘बचपन हेल्थकेयर’ का औचक निरीक्षण किया। बच्चों के इस अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताएं पाई गईं।निरीक्षण के समय अस्पताल में कई नवजात शिशु भर्ती मिले। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई जोखिम न लेते हुए, डॉ. बेलवाल ने संवेदनशीलता दिखाई और भर्ती सभी बच्चों को तत्काल उपचार के लिए एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रेफर करवा दिया। विभाग अब इस अस्पताल के पंजीकरण और मानकों की गहनता से जांच कर रहा है। कार्रवाई का दूसरा मोर्चा कुंदरकी थाना क्षेत्र के जलालपुर में खुला। यहां लोक शिकायत (जनता की शिकायत) का संज्ञान लेते हुए डॉ. राजीव कुमार शर्मा और सौरभ बरतारिया की टीम ने डॉ. कामिल के अस्पताल पर धावा बोला।जांच के दौरान अस्पताल में भारी अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन पाया गया। टीम ने मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए ‘सेवा अस्पताल’ के परिसर को पूरी तरह सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अवैध क्लीनिक संचालक अपनी दुकानें बंद करके भाग खड़े हुए।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सांकेतिक नहीं है। जिले में बिना पंजीकरण या बिना योग्य डिग्री के चल रहे किसी भी चिकित्सा केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा। “जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले केंद्रों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।”
