
MORADABAD ,शांतिकुंज आश्रम हरिद्वार के संस्थापक एवं उनकी धर्मपत्नी की जयंती के अवसर पर शांतिकुंज शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शांतिकुंज परिवार की ओर से ज्योति कलश रथ यात्रा कांठ नगर में निकाली गई। इसके उपरांत यहां दीप यज्ञ कर यज्ञ के महत्व को बताया गया।
शांतिकुंज परिवार द्वारा बताया गया कि पंडित श्री राम शर्मा ने सन 1926 में शांतिकुंज हरिद्वार की स्थापना की थी।
उनके द्वारा की गई साधना एवं उनकी धर्मपत्नी भगवती देवी की सौ वी जयंती के उपलक्ष्य में शांतिकुंज शताब्दी दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अमरोहा से आई ज्योति कलश रथ यात्रा का स्वागत कांठ थाने के समीप गायत्री परिवार के प्रभारी जवर सिंह भगत जी एवं ऋषि राज सिंह आदि शांतिकुंज परिवार के लोगों ने किया।
जो थाने से प्रारंभ होकर श्री रामलीला मंदिर आदि मुख्य मार्ग से होते हुए मौहल्ला फकीरगंज स्थित प्रेमराज सिंह बिश्नोई के भवन पर समाप्त हुई। ज्योति कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु गण मौजूद रहे। ज्योति कलश यात्रा में प्रेम शंकर गोला,मास्टर वीरेंद्र चौहान,मास्टर ओम प्रकाश शर्मा,सुरेंद्र सिंह,प्रेमराज सिंह बिश्नोई आदि का सहयोग सराहनीय रहा। यहां आयोजित दीप यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दीप यज्ञ में यज्ञ के महत्व को विस्तार से बताया गया। शांतिकुंज परिवार के अनुयाई प्रेम शंकर गोला ने बताया कि तहसील क्षेत्र में आगामी 5 जनवरी तक अनेक ग्रामों में दीप यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके उपरांत आगामी 6 जनवरी को ज्योति कलश रथ यात्रा ठाकुर द्वारा के लिए प्रस्थान करेगी।इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह,दर्शन विश्नोई,हरदीप विश्नोई,जॉनी विश्नोई,महेश ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
