
मुरादाबाद
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट : प्रभावशाली विचारों का संगम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विश्व संवाद केंद्र द्वारा “प्रभावशाली विचारों का संगम” शीर्षक से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार में किया गया। इस अवसर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय और प्रभावशाली लगभग दो सौ इन्फ्लुएंसर्स एकत्र हुए।इस विशिष्ट संगम का उद्देश्य था — राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा को नई दिशा देना और भारत के गौरव, संस्कृति एवं विकास की कहानी को डिजिटल माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाना।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांत प्रचार टोली सदस्य एवं विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा प्रस्तावना संघ की स्थापना और उसकी सौ वर्ष की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन किया।इनफ्लुएंसर की सहभागिता एवं उनके विचारों को प्रवाहित करने की दिशा में पैनल डिस्कशन किया गया। पैनल डिस्कशन का विषय “सामाजिक परिवर्तन के कार्य में चुनौतियाँ एवं समाधान” जिसका संचालन प्रांत प्रचार टोली सदस्य एवं विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा किया गया इस पैनल में पैनलिस्ट डॉ. प्रशांत भारद्वाज, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. मीनू मेहरोत्रा, डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल, श्रीमती दीपाली अग्रवाल द्वारा सहभागिता की गई।”सामाजिक परिवर्तन की चुनौतियां एवं उनका समाधान” चर्चा का निष्कर्ष निकला कि आज का युवा तेज़ी से बदल रही दुनिया में जी रहा है। उसकी सोच, उसकी जीवनशैली और उसके सपने पहले से बिलकुल अलग हो गए हैं। आज हम एक ऐसे नॉरेटिव पर चर्चा कर रहे हैं जो युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है — “कमाओ, खाओ और मौज करो; जिम्मेदारी मत लो; और शादी विवाह एक बंधन है।”इस विचार को बदलने में परिवार की ही भूमिका है और के बड़े सदस्य अपने इस दायित्व को दूसरों पर डाल कर बच नहीं सकते।इसके अतिरिक्त कुछ इन्फ्लुएंसरों ने अपने विचार और शंकाएँ रखीं, जिनका समाधान क्षेत्र प्रचार टोली सदस्य एवं उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता और प्रांत प्रचार टोली सदस्य पंकज राज शर्मा द्वारा किया।समापन उद्बोधन में प्रांत प्रचार प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने कहा कि — सोशल मीडिया का प्रभाव समाज पर सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों प्रकार से पड़ रहा है। युवा पीढ़ी को चल रहे नरेटिव से सावधान करना हमारी जिम्मेदारी है।वर्तमान में परिवार विघटन एक गंभीर समस्या बनकर सामने आया है, जो पाश्चात्य संस्कृति का दुष्प्रभाव है।पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और नागरिक कर्तव्यों के पालन पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समाज केवल सरकार से अपेक्षाएँ न रखे, बल्कि अपने दायित्वों को भी समझे।कार्यक्रम का संचालन मेजर राजीव ढल एवं संजीव चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। तकनीकी सहयोग नमन जैन एवं अमन जैन का रहा।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो. विपिन जैन, डॉ. दीपक मेंदीरत्ता, रितु नारंग, नीलम जैन, गोपाल हरी, डॉ. मनोज रस्तोगी, तरुण पाराशर, शलभ गुप्ता, राजेश तोमर, गोपी चंद, अंकुर कुमार, धवल दीक्षित, बाबा धीरशांत दास अर्द्धमौनी, सरदार गुरविंदर सिंह, हेमंत चौधरी, सचिन कुमार, प्रदीप कुमार, चंचल कुमार, राकेश मिश्रा, अखिलेश पाण्डे, हरिमोहन गुप्ता, स्पर्श गुप्ता डॉ. सत्यवीर सिंह चौहान आदि सोशल मीडिया के अनेक व्यक्तित्व सहभागी बने।
