
बिजनौर जिले की चांदपुर थाना पुलिस ने बसों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।पुलिस के अनुसार, ग्राम पीपलसाना निवासी रोकी तोमर ने 6 मई 2026 को थाना चांदपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि चांदपुर डिपो की बस संख्या 2658 में यात्रा के दौरान उनके बैग से सोने का गले का सेट, कानों के बूंदे और दो अंगूठियां चोरी हो गई थीं। इस संबंध में थाना चांदपुर में मुकदमा संख्या 253/2026 धारा 305(सी) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।इसके बाद 4 जून 2026 को थाना स्योहारा क्षेत्र के रवाना शिकारपुर निवासी सूर्य प्रताप सिंह ने शिकायत दी कि बस संख्या 9113 में यात्रा के दौरान उनके बैग से करीब 13 से 14 हजार रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए गए। इस मामले में मुकदमा संख्या 331/2026 धारा 305(सी) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।मामले की जांच के दौरान चांदपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नफीस, अहसान, नवाब, सोनू और सतपाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक सोने का पेंडल, लाल बीजों की माला, एक सोने की अंगूठी, एक जोड़ी सोने की बालियां तथा 8,800 रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बसों में सफर करने वाले यात्रियों के बैग और सामान को निशाना बनाते थे। आरोपियों ने 6 मई को हुई आभूषण चोरी की घटना तथा 3 जून को नूरपुर से गजरौला जा रही बस में एक यात्री का बैग चोरी करने की वारदात भी कबूल की। आरोपियों ने बताया कि नकदी निकालने के बाद बैग को रास्ते में फेंक दिया गया था।जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए आभूषणों को बेचने के लिए आरोपियों ने सतपाल को बुलाया था। सतपाल ने आभूषणों के बदले तत्काल 6,200 रुपये दिए थे और बाकी रकम बाद में देने का आश्वासन दिया था।पुलिस के अनुसार, मामले में इकबाल, फिरोज और रोशन नामक तीन आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। बरामदगी के आधार पर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई है।
