
वर्तमान में न्यायधीश जांच अधिनियम मे शंशोधन क्यो नहीं ? 5 दिसम्बर 1968 को 51 वें गजट मे लागु किया गया था,

गाजियाबाद,
जिस तरहा ये न्यायपालिका मे भ्रष्टाचार की परते खुल रही है उस्से यह समझा जाने लगा है की भ्रष्टाचार से न्यायधीश भी अछूते नहीं रह गये है, भ्रष्टाचार से भारत की न्यायपालिका पूरी तरहा ये चरमरा गई है , रविवार को हुई मिंटिग मे नरेश त्यागी ने यहा बात कही उन्होने बताया ती उनके द्वारा कई आर टी आई न्यायपालिका मे लगाई जा चुकी हैं जिसमे ये लगभग सभी आर टी आई किसी न किसी बहाने से बापस कर दी गई है । अब प्रशन यह उठता है की यदि न्यायपालिका आर टी आई पर इतना ढीला रवैया अपनाती है तो आम आदमी के लिये इंसाफ की उमीद कैसे रखी जाये, मिंटिग मे संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद शर्मा ने न्यायपालिका के इस आचरण की घोर निंदा की है और सभी पदाधिकारीयो को न्यायपालिका के विरूद्ध 50 आर टी आई लगाने का निर्देश दिया है । वर्चुअल मिंटिग मे अनुज सागर अरुण कुमार नरेश त्यागी राजेंद्र बहादुर शाहिद खान शोभा कुमारी, विनोद शर्मा योगेश तोमर, मान सिंह , दिनेश कुमार राजपूत गंभीर धनगर जी निम्न पदाधिकारी शामिल रहे
