
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद् का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी से पंवासा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात फार्मेसिस्ट के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार पर कार्यवाही के संबंध में मिला।दरअसल शनिवार को परिषद के कार्यकर्ता सत्यवीर यादव पंवासा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हेपेटाइटिस (सी) की दवाई लेने गए थे तो फार्मासिस्ट बाहर से दवाई लिखने लगे, पीड़ित ने उसका विरोध किया तो फार्मासिस्ट ने दवाई देने से मना कर दिया सूचना पर परिषद के बदायूं जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र ने फार्मासिस्ट से पूछा की क्या आपको बाहर से दवाई लिखने का अधिकार है इस पर फार्मासिस्ट ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया , एवं फार्मासिस्ट के द्वारा अवैध रूप से रखे गए एक व्यक्ति जिसका नाम राहुल है , उसका परिचय पूछे जाने पर फार्मासिस्ट ने उसे अपना पी आर ओ बताया क्योंकि इस नाम की कोई भी पोस्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं होती है इसलिए अवैध रूप से रखे गए व्यक्ति का काम सिर्फ उगाही करना है तथा जिस मेडिकल स्टोर से फार्मासिस्ट दवाई लिखता है वहां पर भी दवाई का वास्तविक मूल्य छुपा कर कूट रचित मूल्य की एक पर्ची दवाई पर चिपकी हुई पाई गई। यह सब साक्ष्य राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद (भारत) की टीम को प्राप्त हुए ,साक्ष्यों के आधार पर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी संभल के कार्यालय पहुंचा और भ्रष्ट फार्मासिस्ट गिरीश मिश्रा एवं अवैध रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित राहुल तथा मेडिकल संचालक के खिलाफ कार्यवाही हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता की गई। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने 7 दिन का समय दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए परिषद के प्रतिनिधि मंडल से लिया है यदि 7 दिन के अंदर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद अग्रिम कार्यवाही के लिए बाध्य है प्रतिनिधि मंडल में पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष बृजेश यादव, मीडिया प्रभारी होराम सिंह, संभल जिला अध्यक्ष गौरव यादव, बदायूं जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव, शिकायतकर्ता सत्यवीर सिंह, राष्ट्र यादव, अवधेश यादव, बिलाल अहमद आदि पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
