| जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शुल्क नियामक समिति की बैठक में दिए कड़े निर्देश |
| अभिभावकों को निर्धारित दुकान से पुस्तकें व ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करने वाले विद्यालयों पर होगी कार्रवाई। |

मुरादाबाद, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तर पर गठित शुल्क नियामक समिति के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निजी विद्यालयों में शुल्क व्यवस्था, डमी एडमिशन, पाठ्य पुस्तकों, ड्रेस तथा विद्यालयों के निरीक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रितु तोमर ने अवगत कराया कि कुछ विद्यालयों में डमी एडमिशन को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर डमी एडमिशन के संबंध में सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विद्यालय/संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विद्यालयों के निरीक्षण के लिए 70 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके सापेक्ष अब तक 20 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कठोर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी आगामी 15 दिवस के भीतर प्रत्येक दशा में निर्धारित बिंदुओं पर विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण रिपोर्ट में विद्यालय की व्यवस्थाओं के साथ-साथ अभिभावकों से प्राप्त फीडबैक को भी शामिल किया जाए, ताकि विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का प्रभावी ढंग से सत्यापन हो सके।
*तीन वर्षों के शुल्क स्ट्रक्चर की होगी तुलनात्मक समीक्षा *
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के विगत तीन वर्षों के शुल्क स्ट्रक्चर में किए गए बदलावों का भी परीक्षण किया जाए तथा पूर्व और वर्तमान शुल्क संरचना की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाए। शुल्क में किए गए बदलावों के संबंध में निर्धारित नियमों एवं मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
*NCERT की पुस्तकों को लेकर स्पष्ट निर्देश*
जिलाधिकारी ने कहा कि कक्षा 1 से 8 तक जिन विषयों के लिए NCERT की पुस्तकें उपलब्ध हैं, उनमें केवल NCERT की पुस्तकों का ही प्रयोग किया जाए। जिन विषयों के लिए NCERT की पुस्तक उपलब्ध नहीं है, उन्हीं विषयों में निर्धारित मानकों एवं नियमानुसार रेफरेंस बुक लगाए जाने की अनुमति होगी।
उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक के लिए भी विद्यालय संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि NCERT की पुस्तकों को ही अनिवार्य रूप से एकमात्र विकल्प के रूप में संचालित किया जाए। निर्धारित नियमों के विपरीत अन्य पुस्तकों को थोपे जाने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*मनमानी दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने का दबाव नहीं*
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान यह भी सत्यापित किया जाए कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को किसी निश्चित दुकान से ही पुस्तकें, कॉपियां, ड्रेस अथवा अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य तो नहीं किया जा रहा है।
यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों के निरीक्षण की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित बिंदुओं पर प्रभावी एवं तथ्यपरक सत्यापन किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों की सुरक्षा तथा विद्यालयों में पारदर्शी एवं नियमानुसार व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रितु तोमर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अमित सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक/प्रधानाचार्य गण मौजूद रहे
मुरादाबाद जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया
