
कांठ, मुरादाबाद। मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर कांठ थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। कांठ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी सलेमपुर में हाईवे पर रात करीब सवा नौ बजे नेपाल के तीर्थ यात्रियों से भरी एक निजी बस आगे चल रही रोडवेज बस में पीछे से बुरी तरह टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी एक बंद कोठरी से जा टकराई। दोनों बसों के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। बस में सवार तीर्थ यात्री खून से लथपथ बस में फंसे हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कांठ थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि हादसा रात 9:15 बजे गढ़ी सलेमपुर अड्डे के पास हुआ। मुरादाबाद डिपो की रोडवेज बस आगे चल रही थी, तभी पीछे से आ रही नेपाल के तीर्थ यात्रियों की निजी बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में निजी बस में सवार 35 से अधिक यात्री घायल हो गए।घायलों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि एक-दो एंबुलेंस से काम नहीं चला।
पुलिस को चार से पांच एंबुलेंस मंगानी पड़ीं। छजलैट से भी एक एंबुलेंस बुलाई गई। इसके बावजूद सभी घायलों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो रहा था, तो करीब 10 ई-रिक्शा की मदद से उन्हें सीएचसी कांठ पहुंचाया गया।घायलों के एक साथ सीएचसी कांठ में पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। कोई दर्द से कराह रहा था तो कोई अपने परिजनों को ढूंढ रहा था।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में डॉ. राकेश कुमार की टीम ने मोर्चा संभाला और तत्काल उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल 10 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। रेफर किए गए लोगों में बस चालक भी शामिल है।जानकारी के अनुसार बस में सवार सभी यात्री यूपी के सोनौली बॉर्डर से सटे नेपाल के नवलपरासी और रूपनदेही जिलों के रहने वाले हैं। करीब 60 यात्रियों का यह जत्था 19 अगस्त को नेपाल से चारधाम यात्रा के लिए निकला था।
सभी यात्री वैष्णो देवी, महाकालेश्वर उज्जैन समेत कई बड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए हरिद्वार पहुंचे थे। हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद वे अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए जा रहे थे। अयोध्या दर्शन के बाद 3 सितंबर को उन्हें वापस नेपाल लौटना था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया।घायलों में दिनेश कुमार मिश्रा, अमित कुमार, गेना हरिजन, उमेश शुक्ला, बिंदु प्रसाद, जोखू, रामशरण, कमलावती, चमेली, नींबू राम धोबी, अभिराम, चंद्रवती देवी, विश्वनाथ तेली, अमरावती, तारामति, द्रोपदी, विशनराम, आशा देवी, प्यारी देवी, विद्या देवी, राधा चौधरी, रुद्र कुमारी, ओम कुमारी, शीश काली गुप्ता, अच्छी लाल, सीता, सानिया, बिंदु चौधरी, केदार यादव, विद्यापति, रामकिशन और जोगेंद्र आदि शामिल हैं।इनमें दिनेश कुमार मिश्रा पुत्र शिव कुमार निवासी रूपनदेही नेपाल, गेना हरिजन, नींबू राम धोबी, अमित पुत्र जगन्नाथ निवासी सोनौली महाराजगंज, उमेश शुक्ला पुत्र त्रियुगीनारायण शुक्ला निवासी विष्णुपुरी महाराजगंज, चंद्रवती देवी, तारामति और जोगेंद्र पुत्र शालिग्राम की हालत अत्यधिक गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार छजलैट सिद्धार्थ सक्सेना और सीओ कांठ सुनीता दहिया सीएचसी पहुंचीं और घायलों का हालचाल जाना। सीओ ने प्रभारी निरीक्षक सुदेशपाल सिंह को निर्देश दिए कि बस में सवार अन्य सुरक्षित यात्रियों के ठहरने और खाने की उचित व्यवस्था की जाए। पुलिस ने सभी यात्रियों को कांठ नगर की एक धर्मशाला में ठहराया है और भोजन की व्यवस्था कराई है।सीओ कांठ सुनीता दहिया ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आगे चल रही बस द्वारा अचानक ब्रेक लगाना कारण माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों बसों को कब्जे में ले लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
