
कांठ ।कांठ नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल आलम अंसारी द्वारा अपने पिछले कार्यकाल में बनवाए गए कांठ थाने के बाहर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वार की हालत बदहाल हो गई है। कांठ थाने के बाहर स्थित डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वार से टाइल्स कई महीनों से गिरी पड़ी हैं। लेकिन इस ओर न तो कांठ नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और न ही कांठ नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल आलम अंसारी ने इस तरफ ध्यान दिया है।
कांठ नगर के जाटव समाज के नेता ओमप्रकाश सिंह बोद्ध उर्फ रावण का कहना है कि यह द्वार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बनाया गया था, जो जाटव समाज के लिए बड़े ही सम्मान और गौरव का प्रतीक है। लेकिन पिछले कई महीनों से अंबेडकर द्वार की टाइल्स टूटी हुई और गिरी होने से द्वार की सुंदरता खराब हो रही है और अंबेडकर जी के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।कांठ थाने के ठीक सामने स्थित होने के बावजूद इस पर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं गया और कांठ नगर पंचायत के द्वारा इसका मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।
जाटव समाज के लोगों ने बताया कि कई बार नगर पंचायत कर्मचारियों को अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।कांठ नगर के जाटव समाज के नेता ओमप्रकाश सिंह बौद्ध उर्फ रावण, कांठ नगर के वार्ड नंबर एक के सभासद हरि सिंह जाटव, वार्ड नंबर तीन के सभासद पति नवनीत कुमार सहवाग,पूर्व सभासद संजय कुमार,एडवोकेट पवन कुमार,एडवोकेट परितोष भारती,नारायण सिंह,बलवंत सिंह जाटव आदि ने कांठ नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल आलम अंसारी से मांग की है कि जल्द से जल्द डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वार की टाइल्स लगवाकर उसकी मरम्मत कराई जाए और सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया जाए। ताकि महापुरुषों के नाम पर बने द्वार का सम्मान बना रहे।
