
मुरादाबाद, स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ नगर में न तो अल्ट्रासाउंड और न ही एक्सरे की सुविधा है। जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच करनी पड़ रही है।वहीं एक्सरे के लिए रोगियों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। सीएचसी कांठ में इलाज के लिए कांठ और उमरी कलां क्षेत्र के साथ ही तहसील क्षेत्र के 201 गांव के लोग आते हैं। कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रति माह 125 और साल में 1400 गर्भवती महिलाओं का प्रसव होता है। वहीं एक्सीडेंट, मारपीट व अन्य हादसों में घायल होने वाले लोगों को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही इलाज के लिए लाया जाता है। पहले कांठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था।लेकिन इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिले काफी समय हो गया है।मगर इसमें आज तक मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई हैं। अब तक तो यहां प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड सीएचसी के द्वारा निजी सेंटरों पर करा दिए जाते थे।जिनका पूरा खर्च सरकार देती थी,लेकिन यह व्यवस्था अब बंद हो गई है। जिस कारण गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच करनी पड़ रही है।वहीं एक्सरे की सुविधा नहीं होने पर एक्सीडेंट,मारपीट व अन्य हादसों के घायलों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। कांठ सीएचसी में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सुविधा शुरू कराने की मांग कई बार सामाजिक, राजनैतिक संगठनों के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने की है। कांठ विधायक कमाल अख्तर ने इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा सत्र के दौरान भी उठाया था, लेकिन इसके बाद भी सीएचसी को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीनें अभी तक नहीं मिली हैं। सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह का कहना है कि पहले सीएचसी की ओर से बाउचर व्यवस्था के तहत गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निजी सेंटरों पर कराए जा रहे थे, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद हो गई है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीनों के लिए पूर्व में कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है।
