
मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की दशकों पुरानी मांग को लेकर मुरादाबाद के अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज कर दिया है। ‘दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद’ के आह्वान पर आज मुरादाबाद के वकीलों ने एकजुट होकर रजिस्ट्री कार्यालय (निबंधन कार्यालय) में तालाबंदी कर दी। वकीलों के कड़े विरोध के चलते रजिस्ट्री दफ्तर में पूरे दिन कामकाज ठप रहा और कोई भी रजिस्ट्री नहीं होने दी गई।इस उग्र आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अधिवक्ता शिव कुमार गौतम समेत अन्य प्रमुख वकीलों ने किया। वकीलों का साफ कहना है कि जब तक उनकी जायज मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
प्रस्ताव के अनुपालन में न्यायिक कार्य से रहे दूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गत १६ मई २०२६ को हुई बैठक में एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया था। इसी प्रस्ताव के अनुपालन में आज दिनांक २० मई २०२६ को मुरादाबाद बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ता न्यायालयों और संबंधित सरकारी कार्यालयों में काम से पूरी तरह विरत रहे।एसोसिएशन की ओर से जनपद न्यायाधीश (जिला जज) को भी इस संबंध में एक पत्र सौंपकर अवगत कराया गया है कि वकील अदालती कार्यवाही में शामिल होने में असमर्थ रहेंगे। साथ ही मांग की गई है कि वकीलों की अनुपस्थिति के कारण किसी भी वाद (केस) में कोई विपरीत आदेश पारित न किया जाए।
अब हर शनिवार को अदालतों का होगा पूर्ण बहिष्कार
बार एसोसिएशन ने अपने पत्र में यह भी साफ किया है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा उत्तर प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशंस को जारी किए जा रहे ‘कारण बताओ नोटिस’ का भी पुरजोर विरोध किया जाएगा। विरोध स्वरूप अब प्रत्येक शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद एवं तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों में भाग नहीं लेंगे।
अधिकारियों को भेजी गई प्रस्ताव की प्रति
आंदोलन और तालाबंदी की गंभीरता को देखते हुए बार एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव की प्रतिलिपि मुरादाबाद के कमिश्नर, जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), उपनिबंधक (रजिस्ट्री कार्यालय) प्रथम एवं द्वितीय सहित कुल १७ प्रमुख प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों को भेज दी है।अधिवक्ता शिव कुमार गौतम और अन्य वकीलों ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों को सुलभ और सस्ता न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट बेंच का मुरादाबाद या पश्चिमी यूपी में स्थापित होना बेहद जरूरी है, और इसके लिए वकील किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
