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पहली ही पोस्टिंग में ‘क्लीन बोल्ड’: 1.63 करोड़ के जमीन अधिग्रहण घोटाले में SDM अनुप्रीत कौर रंधावा गिरफ्तार

ByMoradabadprahari

May 19, 2026

गुरदासपुर की एसडीएम (SDM) अनुप्रीत कौर रंधावा को पंजाब पुलिस (तरनतारन पुलिस) ने 16 मई 2026 की सुबह उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया

तरनतारन/गुरदासपुर: पंजाब प्रशासनिक सेवा (PCS) की अधिकारी और गुरदासपुर की मौजूदा एसडीएम (SDM) अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने एक बड़े भूमि अधिग्रहण घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। अपनी पहली ही पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरीं महिला अधिकारी की इस गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला? यह मामला साल 2018 का है, जब अमृतसर से जामनगर (राजस्थान) और जम्मू-कश्मीर हाईवे के निर्माण के लिए तरनतारन जिले में बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण (Land Acquisition) किया जा रहा था। उस समय अनुप्रीत कौर रंधावा तरनतारन में बतौर जिला राजस्व अधिकारी (DRO) और भूमि अधिग्रहण कलेक्टर (LAC) के पद पर तैनात थीं। यह उनकी सेवा की पहली पोस्टिंग थी।आरोप है कि इस हाईवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों के मुआवजे के वितरण में 1.63 करोड़ रुपये का बड़ा गबन किया गया।

बिना जमीन वालों को बांट दिया करोड़ों का मुआवजा जांच में यह बात सामने आई कि मुआवजा राशि असली जमीन मालिकों को देने के बजाय ऐसे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जिनके नाम पर वहां कोई जमीन ही नहीं थी।फर्जीवाड़ा: कागजों में हेरफेर करके फर्जी लाभार्थियों को खड़ा किया गया।

भ्रष्टाचार: वास्तविक हकदारों को उनके हक से वंचित रखकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।2019 में दर्ज हुई थी FIR, उच्चस्तरीय जांच में फंसीं SDMइस महाघोटाले का खुलासा होने के बाद साल 2019 में तरनतारन के थाना सिटी में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच एक उच्चस्तरीय विजिलेंस और पुलिस टीम को सौंपी गई थी।

लगभग 5-6 सालों तक चली लंबी और गहन तकनीकी जांच के बाद, पुलिस को अनुप्रीत कौर रंधावा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। सबूतों के आधार पर ही कल, 16 मई 2026 को तरनतारन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

करियर की शुरुआत में ही लगा बड़ा दाग

एक पीसीएस अधिकारी के रूप में अनुप्रीत कौर का करियर अभी शुरू ही हुआ था। गुरदासपुर में एसडीएम के पद पर रहते हुए उनकी इस गिरफ्तारी ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों और बिचौलियों की तलाश कर रही है ताकि गबन की गई रकम की रिकवरी की जा सके।

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