
बिजनौर के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र में गौकशी मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार 7 मई 2026 को ग्राम अकबरपुर तिगरी के जंगल में एक संदिग्ध सेंट्रो कार खड़ी मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को कार के पास गौवंशीय पशु का शव, पशु वध के उपकरण और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद हुआ था। ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में थाना हीमपुर दीपा में गौवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।इस मामले में पहले ही राजवीर उर्फ राजू, मनोज और बाबू कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।शुक्रवार तड़के करीब 2:20 बजे थाना हीमपुर दीपा पुलिस टीम ग्राम पीपली जट के जंगल स्थित स्याऊ-छाछरी रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।मुठभेड़ में घायल आरोपियों की पहचान शाहिद पुत्र मुस्तफा और फुरकान पुत्र हसन निवासी ग्राम राजोपुर बहमन थाना चांदपुर, जनपद बिजनौर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक शाहिद थाना चांदपुर का हिस्ट्रीशीटर भी है।पूछताछ में दोनों आरोपियों ने 7 मई को अकबरपुर तिगरी के जंगल में अपने साथियों के साथ मिलकर गौकशी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे,कारतूस,पशु वध के उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।पुलिस ने मुठभेड़ के संबंध में अलग से मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
