
मुश्कां
मुरादाबाद , कांठ , तेंदुए ने जंगल में दिनदहाड़े घास काटने गए एक 12 वर्षीय बालक पर हमला बोल दिया। बालक ने दरांत से संघर्ष कर किसी तरह अपनी जान बचाई। कांठ तहसील क्षेत्र में तेंदुआ पिछले दो माह के भीतर सात बच्चों सहित 9 लोगों पर हमला कर चुके हैं।कांठ तहसील क्षेत्र के ग्राम मुजफ्फरपुर टांडा निवासी लोकेंद्र कुमार पुत्र मुनेशपाल 12 वर्ष अपने चचेरे भाई विकास के साथ गांव से दक्षिण दिशा में लगभग 2 किलोमीटर दूर नाले के पार घास काटने गया था। उसके दोनों भाई नाले के इस पार खड़े हुए थे। लोकेंद्र नाला पार कर घास काटने लगा,जहां पर खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक लोकेंद्र पर हमला बोल दिया। लोकेंद्र ने बहादुरी का परिचय देते हुए दरांत से तेंदुए का जमकर मुकाबला किया। तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया। जब तक उसके चचेरे भाई लोकेंद्र के पास मदद के लिए पहुंचे तब तक वह घायल हो चुका था। घायल लोकेंद्र जब अपने गांव पहुंचा तब उसे देखने के लिए ग्रामीण भारी संख्या में एकत्रित हो गए। सभी ने बच्चे की बहादुरी की प्रशंसा की। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांठ में उपचार हेतु एंबुलेंस द्वारा ले जाया गया।उसके उपरांत वहां से उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया है। इससे पूर्व तेंदुआ पिछले दो माह में ग्राम मिश्रीपुर,राजीपुर खादर, फत्तेहपुर बिश्नोई ,दरियापुर, सलेमपुर व महदूद कलमी आदि ग्रामों में हमला कर सात बच्चों सहित नौ लोगों को घायल कर चुका है। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने वन विभाग के कर्मियों के साथ कांबिंग की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड से काफी संख्या में तेंदुए मैदानी क्षेत्र में आ गए हैं। उन्होंने सभी ग्राम वासियों को सुरक्षित और सतर्क रहने के लिए हिदायत दी है।
