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10वीं की छात्रा बनी एक दिन की ‘डीएम’, अवैध कब्जे पर चलाया हंटर, 25 शिकायतों का किया निस्तारण

ByMoradabadprahari

Apr 23, 2026

मिशन शक्ति फेज-5: कलेक्ट्रेट की कुर्सी पर बैठकर छात्रा श्रीसिंह ने एसडीएम को दिए ग्राम घनश्यामपुर में पैमाइश के सख्त निर्देश,

अपने हस्ताक्षर से अग्रसारित किए स्वास्थ्य और आवास के मामले

प्रशासनिक सख्ती के साथ पेश की मानवीय मिसाल; फरियादियों के बच्चों को बांटी चॉकलेट, अन्य स्कूलों की छात्राओं को दिए सफलता और हेल्पलाइन (1090, 112) के टिप्स

रामपुर, 22 अप्रैल। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन शक्ति फेज-5’ के तहत महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी अद्भुत तस्वीर सामने आई है, जो पूरे प्रदेश की बेटियों का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी। रामपुर जिले में सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 10वीं की छात्रा श्रीसिंह ने एक दिन की सांकेतिक जिलाधिकारी बनकर यह साबित कर दिया कि बेटियां सिर्फ सपने नहीं देखतीं, बल्कि मौका मिलने पर कड़े और बड़े फैसले भी ले सकती हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचकर विधिवत डीएम की कुर्सी संभालने वाली इस मेधावी छात्रा ने स्वास्थ्य, पूर्ति और आवास से जुड़ी 25 शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुना और अपने हस्ताक्षर से उनके त्वरित निस्तारण के आदेश जारी किए। इस एक दिन के कार्यकाल में छात्रा ने न सिर्फ प्रशासनिक धमक दिखाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अगर प्रदेश की बेटियों को नेतृत्व का अवसर मिले, तो वे न्याय और जनसेवा की बेहतरीन मिसाल कायम कर सकती हैं।

जब 10वीं की छात्रा ने एसडीएम को दिए कब्जा हटवाने के निर्देश छात्रा श्रीसिंह का सांकेतिक कार्यकाल केवल रस्म अदायगी नहीं रहा। जनसुनवाई के दौरान जब उनके सामने तहसील सदर के ग्राम घनश्यामपुर में अवैध कब्जे से जुड़ा एक प्रार्थना पत्र आया, तो इस युवा ‘डीएम’ ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना किसी झिझक के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर को सख्त निर्देश दिए कि मौके पर जाकर तत्काल अवैध कब्जा हटवाया जाए और जमीन की पैमाइश सुनिश्चित की जाए। एक स्कूली छात्रा द्वारा इतनी दृढ़ता और स्पष्टता से लिए गए इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश की बेटियां अब किसी भी चुनौती से डरने वाली नहीं हैं। इस दौरान जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने भी पूरे समय छात्रा का सहयोग करते हुए उन्हें प्रशासनिक बारीकियों से अवगत कराया।

प्रशासनिक जटिलताओं और अवैध कब्जे हटाने जैसे कड़े फैसलों के बीच इस सांकेतिक डीएम ने एक अनूठी मानवीय मिसाल भी पेश की, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। अपनी शिकायतें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे फरियादियों के साथ आए छोटे बच्चों को जब छात्रा ने देखा, तो उन्हें अपने पास बुलाकर चॉकलेट वितरित की। डीएम की कुर्सी पर बैठी एक दीदी के हाथों चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस मार्मिक पहल ने यह संदेश दिया कि एक बेहतरीन प्रशासन सिर्फ नियमों की किताब से नहीं चलता, बल्कि उसमें जनता के प्रति मानवीय संवेदनाओं का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।*पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए बना प्रेरणा का मंच*श्रीसिंह का यह एक दिन का कार्यकाल केवल रामपुर तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश की बालिकाओं के लिए एक नजीर बन गया है। इस दौरान कन्या इंटर कॉलेज खारी कुआं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहाड़ी गेट की छात्राओं ने जब वहां पहुंचकर संवाद किया, तो उन्हें अपनी उम्र की एक लड़की को जिले की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठे देखकर असीम प्रेरणा मिली। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए छात्राओं को सफलता के लिए नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के टिप्स दिए। साथ ही 1090, 181, 112 और 1098 जैसे मिशन शक्ति हेल्पलाइन नंबरों का निर्भीकता से उपयोग करने के लिए उन्हें जागरूक किया।

सशक्त भविष्य की ओर बढ़ते कदम अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डा. नितिन मदान और जिला प्रोबेशन अधिकारी ईरा आर्या सहित पूरे प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में हुआ यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि समाज में महिलाओं की भागीदारी अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर छात्रा ने भी माना कि शासन की योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्राथमिकता होनी चाहिए। यह घटना पूरे उत्तर प्रदेश की हर उस बेटी के लिए एक खुली उड़ान का आमंत्रण है, जो अपनी मेहनत से भविष्य में उच्च प्रशासनिक पदों पर पहुंचकर देश और प्रदेश की तस्वीर बदलना चाहती है।

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