2.5 लाख टन कार्गो क्षमता से मुरादाबाद के पीतल, बिजनौर की काष्ठ कला और रामपुर के जरी वर्क का निर्यात होगा आसान

दिल्ली के जाम से मिलेगी मुक्ति, विदेशी बायर्स की सीधी पहुंच से पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
मुरादाबाद, 28 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि समूचे मुरादाबाद मंडल के लिए तरक्की का नया सूरज लेकर आया है। शुरुआती 1.2 करोड़ वार्षिक यात्री क्षमता और 2.5 लाख टन कार्गो क्षमता वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शुरू होने से मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जिलों की तस्वीर बदलने वाली है। स्थानीय उत्पादों (ओडीओपी) को वैश्विक बाजार मिलने, दिल्ली के जाम से छुटकारा और विदेशी खरीदारों की आसान पहुंच से पूरे मंडल में व्यापार, कृषि, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को अप्रत्याशित रफ्तार मिलेगी। यह एयरपोर्ट मुरादाबाद मंडल को ‘लोकल से ग्लोबल’ बनाने की दिशा में सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।मुरादाबाद: पीतल और हस्तशिल्प को मिलेंगे नए पंखमुरादाबाद मंडल के उत्पादों को जेवर एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी। मुरादाबाद के जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (DIC) के संयुक्त आयुक्त योगेश कुमार का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट बनने से मंडल की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। इससे दिल्ली के जाम से निजात मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय यात्राएं करने वाले लोगों का समय बचेगा। शहर के प्रमुख हैंडीक्राफ्ट निर्यातक संदीप (संजीव), जो अमेरिका और यूके में लकड़ी, धातु, पीतल, फैब्रिक और लेदर के उत्पादों का निर्यात करते हैं, बताते हैं कि अभी तक दिल्ली के जरिए माल भेजने में जाम की भारी समस्या थी, लेकिन अब एयरपोर्ट शुरू होने से जाम से बचाव होगा और सप्लाई चेन में तेजी आएगी। होम डेकोरेटिव और हैंडीक्राफ्ट के एक अन्य निर्यातक सुहैल का भी मानना है कि जेवर एयरपोर्ट से माल भेजने में एक से डेढ़ घंटे की बचत होगी और विदेशी खरीदारों के लिए भी सीधे मुरादाबाद आना बेहद आसान हो जाएगा।बिजनौर: नगीना की काष्ठ कला और ब्रश उद्योग की वैश्विक दस्तकबिजनौर के वुडन हैंडीक्राफ्ट और ब्रश उद्योग के लिए जेवर एयरपोर्ट गेमचेंजर साबित होने वाला है। बिजनौर के जीएम डीआईसी अमित कुमार के अनुसार, नगीना की काष्ठ कला को 2023 में जीआई टैग मिल चुका है और जिले में 20 हजार से ज्यादा कारीगर व 500 से अधिक इकाइयां इस काम में जुटी हैं। अकेले वुडन हैंडीक्राफ्ट और ब्रश उद्योग का सालाना टर्नओवर 250 से 300 करोड़ रुपये का है। पूरे देश में इस्तेमाल होने वाले 50 प्रतिशत ब्रश शेरकोट में बनते हैं। 10-10 करोड़ की लागत से बन रहे तीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) और जेवर एयरपोर्ट की कार्गो सुविधा से बिजनौर के अप्रत्यक्ष निर्यात को सीधे अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।रामपुर,अमरोहा और संभल : जरी वर्क, ढोलक और हस्तशिल्प की गूंजरामपुर का प्रसिद्ध जरी पैचवर्क भी अब वैश्विक उड़ान भरने को तैयार है। रामपुर के जीएम डीआईसी अनुराग यादव बताते हैं कि जिले में 15 से 20 हजार कारीगर जरी वर्क से जुड़े हैं। सरकार टूलकिट और दो करोड़ तक के लोन पर सब्सिडी देकर छोटे कारीगरों को उद्यमी बना रही है। जेवर एयरपोर्ट की सुविधाओं से इन कारीगरों को विदेशों में सीधे अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलेगा। वहीं, अमरोहा के जीएम डीआईसी अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि जिले की मशहूर ढोलक अभी मुख्य रूप से घरेलू बाजार तक ही सीमित है। अब एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के जरिए स्थानीय ढोलक उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें निर्यातक बनाने की योजना पर काम हो रहा है। इसके साथ ही संभल के जीएम डीआईसी मुकेश कुमार का कहना है कि जिले का प्रसिद्ध हॉर्न और बोन (सींग और हड्डी) हस्तशिल्प पहले से ही विदेशों में अपनी पहचान रखता है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से इस उद्योग को नई संजीवनी मिलेगी। अब निर्यातकों को अपना माल भेजने में कम समय और कम लागत लगेगी, जिससे संभल के हजारों शिल्पकारों की आय में वृद्धि होगी और विदेशी खरीदारों की सीधी पहुंच से व्यापार का दायरा भी कई गुना बढ़ जाएगा।पर्यटन और कारीगरों की जगी उम्मीदेंइस नए विकास पथ से जिले के छोटे कारीगर भी बेहद उत्साहित हैं। मुरादाबाद के पद्म श्री सम्मानित कारीगर चिरंजीलाल का कहना है कि यह योजना बहुत अच्छी है और विदेशी खरीदारों का आना-जाना आसान होने से भाड़े में कमी आएगी, जिससे कारीगरों के उत्पाद ज्यादा बिकेंगे। पर्यटन के मोर्चे पर भी मंडल में भारी उछाल आना तय है। मुरादाबाद के पर्यटन अधिकारी प्रदीप टम्टा का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से एक्सेसिबिलिटी आसान हो जाएगी, जिससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों का आना बढ़ेगा। इससे मुरादाबाद और बिजनौर में टूरिज्म सर्किट और इको-टूरिज्म को काफी बढ़ावा मिलेगा।विदेशी बायर्स की राह होगी आसानजेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से सबसे बड़ी राहत अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और पर्यटकों को मिलेगी। अब तक विदेशी बायर्स को दिल्ली एयरपोर्ट उतरकर मुरादाबाद या बिजनौर पहुंचने में घंटों जाम से जूझना पड़ता था। जेवर से सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए आवागमन सुगम होने से विदेशी बायर्स सीधे फैक्ट्रियों और शोरूम तक पहुंच सकेंगे। इससे व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे और ऑर्डर मिलने की रफ्तार में भी तेजी आएगी।किसानों और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बूमजेवर एयरपोर्ट केवल उद्योगों के लिए नहीं, बल्कि मंडल के किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा। कृषि उत्पाद अब एयर कार्गो के माध्यम से सीधे विदेशी बाजारों में भेजे जा सकेंगे। इसके साथ ही, मुरादाबाद मंडल में नए वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब विकसित होंगे। इससे न केवल जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हजारों युवाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
