दिव्यांगों के लिए ‘सुगम्य पुस्तकालय’ को पीएम अवार्ड, 560 बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा और सभी ब्लॉकों को मिला ISO सर्टिफिकेट

2 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज और 63 चिकित्सा इकाइयों ने जीता प्रतिष्ठित ‘कायाकल्प अवार्ड
मुरादाबाद, 26 मार्च। जनपद में पिछले नौ वर्षों के दौरान विकास और जन-कल्याण की एक नई और सुखद तस्वीर उभरकर सामने आई है। शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचारों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और पारदर्शी सुशासन तक, मुरादाबाद ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। जिले में जहाँ एक ओर ‘सुगम्य पुस्तकालय’ जैसी अनोखी पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, वहीं दूसरी ओर लाखों गरीबों को मुफ्त इलाज और पक्की छत का सपना साकार हुआ है।
दिव्यांगों के लिए ‘सुगम्य पुस्तकालय’ को पीएम अवार्ड, 560 बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा
जनपद को शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री पुरस्कार (नवाचार) प्राप्त हुआ है। प्रदेश के इस पहले जनपद की चारों तहसीलों में दृष्टि बाधित, मूक-बधिर और बौद्धिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए ‘सुगम्य पुस्तकालय’ संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ ब्रेल स्लेट, साउंड बॉल और स्पीच थैरेपी मिरर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ‘अटल आवासीय विद्यालय’ वरदान साबित हो रहा है। बीते 06 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित इस विद्यालय में वर्तमान में 560 विद्यार्थी साइंस लैब और स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ निःशुल्क आवासीय शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा, बेसिक शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए 100 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘नक्षत्रशालाएं’ और 241 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। मण्डल में 169.58 करोड़ रुपये की लागत से गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
2 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज और 63 अस्पतालों को ‘कायाकल्प’ का ताज
स्वास्थ्य सुविधाओं के मोर्चे पर जिले ने लंबी छलांग लगाई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 11,90,941 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके जरिए 2,07,572 लाभार्थियों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिली है। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को नया जीवन देने के लिए जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में वर्ष 2024-25 में 263 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए बनी एस०एन०सी०यू० (SNCU) यूनिट में वर्ष 2024 और 2025 में क्रमशः 1092 और 1031 बच्चों का उपचार किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 6 स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘हैल्थ ए०टी०एम०’ लगाए गए हैं, जहाँ 10 से 12 प्रकार की जांचें निःशुल्क हो रही हैं। सरकारी अस्पतालों में बेहतरीन साफ-सफाई और सेवाओं के चलते जनपद की 63 चिकित्सा इकाइयों ने ‘कायाकल्प अवार्ड’ अपने नाम कर एक नई मिसाल पेश की है।
सुशासन और जन-कल्याण: सभी ब्लॉकों को ISO प्रमाण-पत्र और 24 घंटे हाई-टेक निगरानी
प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जन-उन्मुख बनाने के प्रयासों का ही नतीजा है कि मुरादाबाद विकास भवन और जिले के सभी विकास खंडों (ब्लॉकों) को ISO सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए 233.17 करोड़ रुपये की लागत से ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ (ICCC) स्थापित किया गया है, जिससे 24 घंटे शहर की निगरानी की जा रही है और 35 चौराहों पर आमजन को फ्री वाई-फाई मिल रहा है।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 20,603 और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 820 बेघरों को पक्के मकान की चाबी सौंपी गई है। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक 15,677 जोड़ों का विवाह पूरे सम्मान के साथ संपन्न कराया जा चुका है।
