करूले पर काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट की लाश कैसे पहुंची पाकबड़ा थाना क्षेत्र में
मृतक की बहन का आरोप रसूक के चलते नहीं हो रही निष्पक्ष जांच क्या यही योगी सरकार
यदि एक्सीडेंट हुआ तो कहां हुआ,कैसे हुआ ,और किसने किया ,पर बड़े सवाल

मुरादाबाद। जनपद के करूला स्थित सुल्तान हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। हॉस्पिटल के संचालक आलम जुबेरी पर वहां कार्य करने वाली रिसेप्शनिस्ट फराह नाज़ उर्फ जन्नत की हत्या का संगीन आरोप लगा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति स्पष्ट न होने और कार्रवाई की सुस्त रफ्तार के चलते मृतका की बहन उजमा अब इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है।मृतका फराह नाज़ सुल्तान हॉस्पिटल में रिसेप्शनिस्ट के पद पर तैनात थी। परिजनों के अनुसार, घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा है 6 जनवरी 2026 को फराह अपनी ड्यूटी पूरी कर शाम लगभग 5:30 बजे अस्पताल से घर के लिए निकली थी परिजनों का दावा है कि घर लौटते समय उसे दोबारा अस्पताल से फोन आया और उसे वापस बुलाया गया। फराह वापस चली गई, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। रात करीब 9:00 बजे जब उसकी बहन उजमा ने फराह को फोन किया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई परिवार रात भर इधर-उधर भटकता रहा और उसकी खोजबीन करता रहा अगले दिन सुबह पाकबड़ा थाने से सूचना मिली कि फराह का शव मोर्चरी में रखा है। फराह की बहन उजमा तत्काल मोर्चरी पहुंची और सब की शिनाख्त कीपीड़िता की बहन उजमा ने सीधे तौर पर अस्पताल के संचालक आलम जुबेरी को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया है। इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं जो पुलिस की जांच और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर संदेह पैदा करते हैं मामले में कईअनसुलझे सवाल जो अस्पताल संचालक की भूमिका पर संदेह खड़ा करते हैं 1-लोकेशन का रहस्य: फराह करूला पर काम करती थी, तो उसका शव पाकबड़ा क्षेत्र में कैसे पहुँचा? बीच के घंटों में वह किसके साथ थी?2-दोबारा फोन किसने किया? शाम 5:30 बजे के बाद उसे वापस अस्पताल किसने और क्यों बुलाया? क्या उस कॉल रिकॉर्ड की जांच की गई है?3-सीसीटीवी फुटेज: क्या पुलिस ने अस्पताल और उस मार्ग के सीसीटीवी कैमरों की जांच की है जहाँ से फराह के लापता होने की बात कही जा रही है? उनकी बहन उसका ने बताया कि एक महीने से ऊपर हो जाने के बाद भी फराह के मोबाइल की सी डी आर निकाल कर नहीं आई है उजमा ने बताया कि वह अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में उसने समाजवादी पार्टी (सपा) मुरादाबाद के कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर मदद की अपील की है। परिवार का आरोप है कि रसूख के चलते मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।यह बॉक्स बनेगा–“मेरी बहन सिर्फ अपनी ड्यूटी करने गई थी। उसे साजिश के तहत वापस बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। हम न्याय के लिए पुलिस से लेकर राजनेताओं तक के चक्कर काट रहे हैं।” – उजमा (मृतका की बहन)
