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Moradabad Prahari

News Paper

मुरादाबाद में नगर निगम प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है

ByMoradabadprahari

Feb 7, 2026

व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

नगर निगम के खिलाफ व्यापारियों का हल्लाबोल, बाजार बंद कर जताया विरोध

मुरादाबाद। नगर निगम अधिकारियों के कथित अभद्र व्यवहार और व्यापारियों के शोषण के विरोध में शनिवार को व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। संस्थान के अध्यक्ष विजय मदन की अध्यक्षता में अंबेडकर चौक स्थित टाउन हॉल और नगर निगम मार्केट की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और अधिकारियों का रवैया नहीं बदला, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन बंद में बदल सकता है।
प्रमुख मांगें और विरोध का कारण
अंबेडकर चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विजय मदन ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के बजाय उनका मानसिक और आर्थिक शोषण कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर आक्रोश जताया:

  • अधिकारियों का अभद्र व्यवहार: व्यापारियों का आरोप है कि निगम के अधिकारी बातचीत के दौरान मर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करते।
  • अनावश्यक उत्पीड़न: दुकानों और मार्केट संचालन को लेकर व्यापारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
  • एकजुटता का संदेश: सभा में मौजूद सभी व्यापारियों ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    बाजार पर दिखा बंद का असर
    बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला। टाउन हॉल और नगर निगम मार्केट की दुकानें सुबह से ही नहीं खुलीं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं। व्यापारियों ने सभा के माध्यम से प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है कि व्यापारी समाज अपनी गरिमा से समझौता नहीं करेगा।
    अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
    सभा के अंत में व्यापारियों ने सामूहिक निर्णय लिया कि यदि नगर निगम प्रशासन ने अपने रवैये में तत्काल सुधार नहीं किया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला, तो पूरे शहर में अनिश्चितकालीन बाजार बंद किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
  • इस विरोध प्रदर्शन से स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई है। अब देखना यह है कि नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाते हैं

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