

MORADABAD ,
जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू कराने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।
टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान बिलारी क्षेत्र में वैक्सीनेशन की संतोषजनक स्थिति न होने पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से कारणों के बारे में जानकारी ली और कहा कि पूर्ण टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की लिस्टिंग हो और उन्हें छूटे हुए टीके लगाए जाएं ताकि बच्चों में पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य में कोई कमी न रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि चरणवार छूटे बच्चों का सर्वे, वैक्सीनेशन और जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएं। टीकाकरण अत्यन्त महत्वपूर्ण मुद्दा है इसलिए आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, सचिव और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ गंभीरतापूर्वक कार्य किए जाएं।
उन्होंने आशा और एएनएम के कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। टीकाकरण दिवस में किसी भी एएनएम को अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा।
झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही में लापरवाही और कार्यवाही के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के साथ कठोरतम कार्यवाही होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए ओपीडी में पर्चा बनवाने और दवाइयां प्राप्त करने हेतु अलग से लाइन लगवाई जाए ताकि उन्हें किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे लाइसेंस धारक प्राइवेट हॉस्पिटल जहां से विगत 02 माह में कोई डिलीवरी रिपोर्ट नहीं की गई है उनका लाइसेंस निरस्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि 02 माह से कोई डिलीवरी न होना इस बात की पुष्टि करता है कि इन लाइसेंस धारक हॉस्पिटलों में कोई भी गाइनोकोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है और वे हॉस्पिटल डिलीवरी कराने में सक्षम नहीं हैं।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत डिलीवरी के सापेक्ष भुगतान की स्थिति में मूंढापांडे की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से कारणों के बारे में पूंछा।
पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य उपचार हेतु भर्ती होने वाले बच्चों की कम संख्या के कारणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि गंभीर अति कुपोषित बच्चों की प्रतीक्षा सूची तैयार कराएं और क्रमिक रूप से उन्हें भर्ती कराते रहें ताकि पोषण पुनर्वास केंद्र की सार्थकता हो सके।
आशाओं के भुगतान की स्थिति पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। कुंदरकी में 07, बिलारी में 04 आशाओं के भुगतान लंबित होने के कारणों के बारे में भी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने परिवार नियोजन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति के बारे में भी समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी और सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
