
मुरादाबाद। इंटरनेट के दौर में जहां ऑनलाइन सेवाएं लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी हैं, वहीं बिजली विभाग और इंटरनेट प्रोवाइडरों के बीच तालमेल की कमी आम जनता पर भारी पड़ रही है।
कटघर क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्रवाई के चलते करीब छह घंटे तक इंटरनेट सेवा बाधित रही, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।बताया जा रहा है कि शहर के विभिन्न इलाकों से बिजली की लाइनों के साथ-साथ इंटरनेट और अन्य संचार कंपनियों की केबल भी गुजर रही हैं।
इसके बावजूद कई बार बिजली विभाग के कर्मचारी बिना संबंधित इंटरनेट प्रोवाइडर या केबल ऑपरेटरों को पर्याप्त सूचना दिए तार काटने अथवा पेड़ों की छंटाई के लिए पहुंच जाते हैं। कार्रवाई के दौरान इंटरनेट केबल क्षतिग्रस्त होने से सेवा बाधित हो जाती है और बाद में उसे ठीक करने में घंटों का समय लग जाता है।
कटघर क्षेत्र में हुई हालिया घटना ने विभागीय तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेट बंद रहने से ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग, कारोबार, कार्यालयी कामकाज, ऑनलाइन पढ़ाई और अन्य डिजिटल सेवाएं प्रभावित हुईं। इंटरनेट प्रोवाइडरों और तकनीकी कर्मचारियों को भी अचानक खराब हुई केबलों को तलाशने और मरम्मत करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।तालमेल का अभाव बना सबसे बड़ी समस्याइंटरनेट प्रोवाइडरों का कहना है कि बिजली विभाग को किसी भी पेड़ की छंटाई या केबल प्रभावित करने वाली कार्रवाई से पहले संबंधित एजेंसियों को सूचना देनी चाहिए, ताकि संवेदनशील केबलों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जा सके। लेकिन पर्याप्त समन्वय नहीं होने के कारण समस्या बार-बार सामने आती है।
सवाल यह है कि जब शहर डिजिटल व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब बिजली विभाग और संचार सेवाओं से जुड़े विभागों के बीच स्थायी समन्वय व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही है?
जनता का सवाल—जिम्मेदारी किसकी?उपभोक्ताओं का कहना है कि इंटरनेट आज विलासिता नहीं बल्कि आवश्यक सेवा बन चुका है। ऐसे में विभागीय कार्रवाई के कारण घंटों इंटरनेट बंद रहना गंभीर विषय है। लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग पेड़ों की छंटाई और लाइन संबंधी कार्यों से पहले इंटरनेट प्रोवाइडरों को सूचना देने की व्यवस्था लागू करे, ताकि बिजली व्यवस्था के साथ-साथ संचार व्यवस्था भी प्रभावित न हो।इंटरनेट युग में बिजली विभाग की कार्रवाई और संचार व्यवस्था के बीच तालमेल का अभाव आखिर कब दूर होगा—यह सवाल अब उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
