
मुरादाबाद , ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की घटनाओं की रोकथाम तथा तेंदुओं के सुरक्षित रेस्क्यू के उद्देश्य से जनपद मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में वन विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज वन्यजीव ट्रस्ट ऑफ इंडिया, देहरादून की टीम को भी विशेष अभियान में शामिल किया गया है। टीम द्वारा वन्यजीवों की लोकेशन एवं गतिविधियों को ट्रैक करने के साथ-साथ रेस्क्यू कार्य में सहयोग किया जा रहा है।
ठाकुरद्वारा तहसील में मानव-तेंदुआ द्वंद्व के दृष्टिगत ग्राम बाहपुर में वन चौकी अस्थायी रूप से स्थापित कर संचालित की जा रही है। ठाकुरद्वारा तहसील के बलिया, बाहपुर, बल्लमगढ़, मलखपुर सेमली, खजुरिया सहित कांठ तहसील के ग्राम राजपुर खद्दर, दूजना आदि गांवों में तेंदुओं के देखे जाने को लेकर संवेदनशील गांवों में वन विभाग की रेस्क्यू टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुओं की लोकेशन ट्रैक करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पिंजड़े लगाए गए हैं तथा तेंदुओं की लोकेशन ट्रैक कर आवश्यकता के अनुसार अन्य गांवों में लगाए गए पिंजरों का स्थान परिवर्तन किया जा रहा है।
वर्तमान में ग्राम बलिया में सात पिंजरे तेंदुओं के रेस्क्यू हेतु सक्रिय हैं। इसके अतिरिक्त बलिया गांव में विभिन्न स्थानों पर कैमरा ट्रैप, 20 एएनआईडीईआर (ANIDER) यंत्र लगाए गए हैं। ग्राम बलिया, बाहपुर, बल्लमगढ़, लालापुर पौपलसाना, पड़ला एवं तालमपुर में भी निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए हैं।तेंदुओं के हमले की बढ़ती घटनाओं के संबंध में ग्राम बलिया में ग्रामीणों के साथ खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया तथा तेंदुओं के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की गई।
वन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर तेंदुओं की गतिविधियों पर नियंत्रण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ठाकुरद्वारा तहसील के 22 संवेदनशील गांवों में 30 पिंजरे लगाए गए हैं तथा ग्राम बलिया एवं आसपास के गांवों में कैमरों की संख्या बढ़ाकर तेंदुओं की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है।रेस्क्यू टीमों द्वारा मुनादी, पम्पलेट एवं गोष्ठियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
गांवों में गलियों एवं मार्गों पर वनकर्मियों द्वारा लाउडस्पीकर युक्त वाहनों से तेंदुओं से बचाव एवं वन्यजीवों से सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा रही है। साथ ही वन विभाग की टीमों द्वारा संवेदनशील गांवों के उच्च प्राथमिक विद्यालय, बाहपुर, बल्लमगढ़ पूर्व माध्यमिक विद्यालय, पीपली अहीर, कृपाल सिंह मेमोरियल स्कूल, बाहपुर आदि विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के माध्यम से तेंदुओं से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, मुरादाबाद द्वारा ग्रामीणों से स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है—सुबह-शाम खेतों एवं जंगल की ओर अकेले न जाएं। हमेशा 3-4 लोगों के समूह में ही बाहर निकलें।बाहर जाते समय आवाज करते रहें, गाना गाएं अथवा हाथ में लाठी-डंडे बजाते हुए चलें। आवाज सुनकर तेंदुआ अपना रास्ता बदल सकता है।
रात के समय विशेष सतर्कता बरतें। घर से निकलते समय हाथ में तेज रोशनी वाली टॉर्च एवं लाठी अवश्य रखें।बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। छोटे बच्चों को घर से बाहर अकेला न छोड़ें तथा पालतू जानवरों एवं मवेशियों को सुरक्षित एवं बंद बाड़े में रखें।यदि कहीं तेंदुआ दिखाई देता है तो तत्काल वन विभाग एवं पुलिस को सूचना दें और स्वयं तेंदुए के नजदीक जाने अथवा उसे पकड़ने का प्रयास न करें।
